1 जून से बदल जाएंगे रेलवे स्टॉल्स के रेट! वड़ा पाव से मसाला डोसा तक महंगे हुए कई स्नैक्स
Central Railway ने अपने कैटरिंग स्टॉल्स पर मिलने वाले खाद्य पदार्थों की नई दरों को मंजूरी दे दी है। नई रेट लिस्ट 1 जून से लागू होगी, जिसके बाद रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाले कई लोकप्रिय स्नैक्स और खाद्य पदार्थों की कीमतों में बदलाव देखने को मिलेगा। इसमें वड़ा पाव, समोसा, मसाला डोसा समेत कई आइटम शामिल हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, खाद्य सामग्री की बढ़ती लागत, परिवहन खर्च और संचालन व्यय को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। नई दरें लागू होने के बाद यात्रियों को स्टेशन पर खाने-पीने की चीजों के लिए पहले की तुलना में अधिक पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।
नई सूची में सबसे ज्यादा चर्चा वड़ा पाव और समोसे की कीमतों को लेकर हो रही है, क्योंकि ये रेलवे यात्रियों के बीच बेहद लोकप्रिय स्नैक्स माने जाते हैं। इसके अलावा मसाला डोसा, इडली, चाय, कॉफी और अन्य फास्ट फूड आइटम्स की कीमतों में भी संशोधन किया गया है।
मध्य रेलवे का कहना है कि कीमतों में बदलाव के साथ गुणवत्ता और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक यात्रियों को बेहतर भोजन और सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। रेलवे ने स्टॉल संचालकों को साफ-सफाई और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए हैं।
हालांकि नई दरों को लेकर यात्रियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कुछ यात्रियों का कहना है कि पहले से ही रेलवे स्टेशनों पर खाने-पीने की चीजें महंगी मिलती हैं, ऐसे में कीमत बढ़ने से आम यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि यदि गुणवत्ता बेहतर होती है तो कीमतों में मामूली बढ़ोतरी स्वीकार की जा सकती है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, नई दरों की सूची सभी प्रमुख स्टेशनों के कैटरिंग स्टॉल्स पर प्रदर्शित की जाएगी ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिल सके। इसके अलावा अधिक कीमत वसूलने या गुणवत्ता में कमी की शिकायत मिलने पर कार्रवाई भी की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे स्टेशनों पर हर दिन लाखों यात्री भोजन और स्नैक्स खरीदते हैं। ऐसे में कीमतों में छोटा बदलाव भी बड़ी संख्या में यात्रियों को प्रभावित करता है। इसलिए यात्रियों की सुविधा और गुणवत्ता के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है।
फिलहाल 1 जून से लागू होने वाली नई रेट लिस्ट को लेकर यात्रियों और स्टॉल संचालकों के बीच चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इसका असर रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के खर्च पर साफ दिखाई दे सकता है।

