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KOTA  अब तक 500 ट्रक मलबा बाहर निकाला, डॉग स्क्वायड ने लोकेशन ट्रेस की

GANGANAGAR
राजस्थान न्यूज़ डेस्क !!! अभी भी दबे हुए मजदूर का सुराग नहीं लगा है। उत्पादन निगम के अधिकारी मौके पर कैंप किए हुए है। स्ट्रक्चर के स्लैब को हटाने में संसाधनों की कमी की बात सामने आई है। स्थानीय प्रशासन डॉग स्क्वायड की मदद ली। और सर्च अभियान चलाया। हादसे के वक्त मजदूर पीलर नम्बर 3 के पास काम कर रहे थे। आज डॉग स्क्वायड ने पीलर नम्बर 3 के आसपास तीन जगह लोकेशन ट्रेस की। वहां मलबा ज्यादा पड़ा है। हादसे के बाद से ही NDRF के 25, SDRF के 24 व थर्मल प्लांट के करीब 150 इंजीनियर व कार्मिक रेस्क्यू में जुटे है। साथ ही 3 LNT मशीन ,2 JCB मशीन लगाई हुई है। सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि,SDRF व NDRF की टीम ने अबतक गैस कटिंग से वायरिंग तो काट दी है। लेकिन स्ट्रक्चर में स्टील व सरिए का मोटा स्लैब है। टीम के पास मोटे स्टील व सरिए काटने के संसाधन नही है। खबरों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि,बारां के छबडा में मोतीपुरा थर्मल पावर प्लांट हादसा हुए आज 5 दिन हो गए है। इसलिए हैदराबाद की टीम को बुलाया गया है। टीम मोटे स्टील व सरिए काटने के उपकरण साथ लाई है। दो सेक्शन में कुल 56 होपर होते है। एक सेक्शन में 28 होपर होते है। ये मेटल के बने होते है। जिनमें से गर्म राख निकलती है। यहां से राख को पानी के पम्प के प्रेशर से पाइप लाइन के जरिये बाहर निकाला जाता है।28 होपर टूटे ​​​​​​गए है। गुरुवार 9 सितंबर को सुबह 1 बजे करीब यूनिट 4  की ऐश हैंडलिंग प्लांट का स्ट्रक्चर भर भरा कर गिर गया। जिससे वहां काम कर रहे 4 मजदूर दब कर झुलस गए। तीन मजदूरों बाहर निकाल लिया गया था। दिनेश मेहता नाम का मजदूर दब गया था।

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