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Devghar अमन के साथ मिलकर राैनक ने कराई थी नीरज की हत्या

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 झारखण्ड न्यूज़ डेस्क   नीरज तिवारी की हत्या की साजिश राैनक गुप्ता ने ही जेल में बंद गैंगस्टर अमन सिंह  2 सितंबर की रात राैनक ने नीरज काे कतरास की राजस्थानी धर्मशाला के पास बुलाया था। वहां दाे बाइकाें से आए चार शूटराें ने गाेली मारकर नीरज की हत्या कर दी। एसएसपी संजीव कुमार ने साेमवार काे पुलिस ऑफिस में मामले का खुलासा किया। के साथ मिलकर रची थी। उन्हाेंने कहा कि राैनक काे डर था कि नीरज उसकी हत्या कर सकता है।

वहीं, अमन भी उसे अपने रास्ते का राेड़ा समझता था। ऐसे में दाेनाें ने मिलकर उसकी हत्या करा दी। एसएसपी ने बताया कि इस मामले में धनबाद के साथ-साथ जमुई, पटना और सीवान से 7 अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं। उनमें अमन गैंग से जुड़े आशीष रंजन का भाई प्रियरंजन भी शामिल है। एसएसपी के मुताबिक, उसी ने शूटराें काे हथियार उपलब्ध कराए थे। हत्या में इस्तेमाल की गई एक एसयूवी, दाे बाइकें, दाे देसी समेत तीन पिस्ताैल, तीन जिंदा गाेलियां और पांच माेबाइल फाेन अपराधियाें के पास से जब्त किए गए हैं।

जब्त हथियाराें काे फाेरेंसिक लैब और माेबाइलाें काे साइबर लैब भेजकर उनकी जांच कराई जाएगी। एसएसपी ने यह भी कहा कि अमन सिंह काे भी आराेपी बनाया गया है और उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इधर, देर रात हत्याकांड में 8वीं गिरफ्तारी हुई। हत्या की रात बाइक से आए 4 अपराधियाें में शामिल शुभम जमुई से पकड़ा गया।

नीरज की बाॅडी और राैनक की बांह से निकली बुलेट अलग-अलग तरह की
नीरज तिवारी पर फायरिंग के दाैरान ही राैनक गुप्ता काे बांह में और राेहित गुप्ता काे जांघ में गाेली लगी थी। दाेनाें इलाज के लिए अलग-अलग निजी अस्पतालाें में भर्ती हुए थे। दाेनाें फिलहाल पुलिस कस्टडी में निचितपुर के अस्पताल में इलाजरत हैं। हालांकि, राैनक काे फायरिंग में गाेली लगने पर पुलिस काे संदेह है। इसकी वजह यह है कि नीरज के शरीर और राैनक की बांह से मिली गाेलियां अलग-अलग तरह की हैं। मीडिया से बातचीत के दाैरान एएसपी मनाेज स्वर्गियारी, हेडक्वार्टर डीएसपी अमर कुमार पांडेय, बाघमारा एसडीपीओ निशा मुर्मू और कतरास थानेदार रास बिहारी भी माैजूद थे।

अपराधियों के लिए रेकी करने वालाें की सूची बना रही है पुलिस
एसएसपी ने कहा कि हत्याकांड में पकड़े गए सुजल गुप्ता और प्रिंस स्वर्णकार ने रेकी की थी। ये दाेनाें काफी कम उम्र के हैं। पैसे के लिए वे अपराधी बन गए। अमन के लिए रेकी करने वालाें की थानास्तर पर सूची बनाने काे कहा गया है। पड़ताल कर उन पर कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तार अपराधी और हत्याकांड में उनकी भूमिका

अमन सिंह : असली किंगपिन
राैनक गुप्ता : मुख्य साजिशकर्ता
राेहित गुप्ता : साजिश में शामिल
दिलीप यादव : हत्याराें काे भागने में मदद की
प्रियरंजन : आशीष का भाई, हथियार उपलब्ध कराया।
गणेश गुप्ता : रेकी
सुजल गुप्ता : रेकी
प्रिंस स्वर्णकार : रेकी
1 सितंबर की शाम में ही धनबाद आ गए थे शूटर आशीष और अमर
पुलिस सूत्राें के मुताबिक, नीरज तिवारी काे गाेलियां आशीष रंजन और अमर रवानी ने ही मारी थीं। वे 1 सिंतबर की शाम धनबाद आए थे। 2 काे दिन में कई जगह गए, पर टारगेट नहीं मिला। शाम में दिलीप यादव की मदद से कतरास में एक जगह रुके। वहीं, शुभम काे फाेन पर किसी ने बताया कि तिवारी राजस्थानी धर्मशाला के पास अा रहा है। उसके बाद एक बाइक पर आशीष और अमर तथा दूसरी बाइक पर शुभम व एक अन्य सवार हाेकर माैके पर पहुंचे। नीरज काे देखते ही आशीष और अमर ने गाेलियां बरसा दीं।

हत्या के बाद रातभर कतरास में रहे, अगली सुबह औरंगाबाद भागे हत्या के बाद सभी कतरास में ही रहे। अगली सुबह दिलीप एसयूवी से आशीष, अमर और शुभम काे औरंगाबाद ले गया। वहां से अशीष और अमर बस से बनारस चले गए। फिर शुभम और आशीष जमुई चले गए। रास्ते में अपने माेबाइल और सिम ताेड़कर फेंक दिए।
     
नीरज तिवारी ने जेल में रौनक की हत्या के लिए अमन को दी सुपारी अपराधियाें से पूछताछ में एक और कहानी सामने आई है। नीरज और अमन जेल में मिले थे। वहीं, नीरज ने राैनक की हत्या के लिए अमन काे डेढ़ लाख की सुपारी दी थी। जेल से बाहर आने के बाद दाेनाें में संपर्क नहीं रहा। इसी बीच अमन की करीबी राैनक से हाे गई। उसने बता दिया कि नीरज उसे मारना चाहता है। तभी से राैनक उसे खत्म करने की फिराक में था।

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