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NALANDA  में अल्पसंख्यक गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं का हंगामा

NALANDA  में अल्पसंख्यक गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं का हंगामा

बिहार न्यूज़ डेस्क!!!सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि,कुछ दिनों पहले इस हॉस्टल में हथियार होने की आशंका में नाथनगर सीओ और पुलिस ने पड़ताल की थी। हालांकि मामला बकरी का बच्चा ले आने का निकला था। अधीक्षक ने बताया कि एक छात्रा दुपट्टे में छिपाकर बकरी के बच्चे को ले आई थी। उन्होंने पूछा तो छात्रा ने कहा कि ये तो बकरी का बच्चा है, बम-बारूद ले आऊं क्या। इसकी सूचना पुलिस को मिली तो उसने जांच की थी।बीएन कॉलेज के पास स्थित अल्पसंख्यक गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने अधीक्षक नाहिदा नसरीन को हटाने के लिए शुक्रवार को हंगामा किया। छात्राएं सड़क पर आकर प्रदर्शन करना चाहती थीं पर अधीक्षक ने हॉस्टल का गेट नहीं खोला तो छात्राओं ने अंदर से ही गेट पर ईंट-पत्थर बरसाए। छात्राओं का आरोप है कि अधीक्षक गालियां देती हैं।

खबरों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि,तालिबान की तरह शरिया कानून लागू करना चाहती हैं।बताया जा रहा है कि, गर्मी में ट्राउजर भी पहनें तो चीखती-चिल्लाती हैं। घरवालों को झूठी जानकारी देती हैं कि आपकी बच्ची लड़के से बात करती है।अधीक्षक ने कहा कि हॉस्टल में दो बहनें हैं जिनमें से एक नगमा अनवर अपने पिता के बल पर उठवा लेने की धमकी देती है। छात्रा की दूसरी बहन हॉस्टल में रहते हुए बीएन कॉलेज में जॉब करती है। मना करने पर दूसरी छात्राओं को भड़का कर विरोध करवा रही हैं। हंगामे की सूचना पर नाथनगर की सीओ स्मिता झा और पुलिस हॉस्टल पहुंची तब अधीक्षक ने हॉस्टल का ताला खोला। इसके बाद छात्राएं अधीक्षक को हटाने की मांग लिखी तख्तियां लेकर टीएमबीयू प्रशासनिक भवन पहुंचीं और वीसी से मिलने की मांग करने लगीं।डीएसडब्ल्यू डॉ. रामप्रवेश सिंह व प्रॉक्टर डॉ. रतन मंडल ने छात्राओं से बात की। छात्राओं ने कहा कि वे लोग वीसी से मिलना चाहती हैं। इसके बाद अधिकारियों ने छात्राओं से आवेदन लेकर जांच करने की बात कही तब हंगामा शांत हुआ।

छात्रा दरख्शा अनवर ने कहा कि उसके पिता पर अपराधी होने का आरोप है तो इसमें उसकी क्या गलती है। मुझे डॉन की बेटी कहकर अधीक्षक हॉस्टल से निकालना चाहती हैं। हमलोग रात से ही प्रदर्शन करना चाहती थीं। लेकिन अधीक्षक ने सुबह से गेट बंद कर रखा था। रिसर्च स्कॉलर नेदा फातिमा ने कहा कि छात्राएं गरमी में अगर ट्राउजर पहन लेती हैं या किसी स्कूटी वाली छात्रा से बात करती दिख जाती हैं, तब भी अधीक्षक गालियां देने लगती हैं। तालिबान की तरह सरिया कानून लागू करना चाहती हैं। हॉस्टल की एक पूर्व छात्रा ने कहा कि अधीक्षक हमेशा बुर्के में रहने को कहती हैं।

 मीडिया रिपेार्ट के अनुसार  अधीक्षक ने गाली या अपशब्द कहने के आरोप को गलत बताया।टीएमबीयू पहुंची छात्राओं ने डीएसडब्ल्यू से कहा कि वे लोग इधर आई हैं और उधर अधीक्षक के कल्याण विभाग को सूचना देकर हमें निकालने की तैयारी शुरू कर दी है। इस पर डीएसडब्ल्यू ने जिला कल्याण पदाधिकारी से बात की और कहा कि छात्राओं को बिना पूर्व नोटिस के नहीं निकालें। इन्हें सोमवार तक का समय दें। मामले की जांच करें और अधीक्षक तथा छात्राओं में जो दोषी हो उन पर कार्रवाई करें।

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