बेटे को MLC टिकट नहीं मिलने पर बोले उपेंद्र कुशवाहा, "जिन्होंने वादा किया था, उनसे पूछिए"
बिहार की राजनीति में एमएलसी चुनाव को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे और बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को एमएलसी नहीं बनाए जाने के सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
मीडिया से बातचीत के दौरान उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, "यह सवाल उन लोगों से पूछिए जिन्होंने यह वादा किया था और इसका लिखित आश्वासन भी दिया था।" उनके इस बयान को राजनीतिक गलियारों में काफी अहम माना जा रहा है।
एनडीए में बढ़ सकती है चर्चा
उपेंद्र कुशवाहा के बयान के बाद बिहार के सियासी गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि एमएलसी टिकट को लेकर सहयोगी दलों के बीच अंदरूनी असंतोष की झलक इस बयान में दिखाई दे रही है।
लिखित आश्वासन का किया जिक्र
कुशवाहा ने अपने बयान में "लिखित आश्वासन" का उल्लेख कर राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है। हालांकि उन्होंने किसी नेता या दल का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को भारतीय जनता पार्टी के साथ हुए कथित राजनीतिक आश्वासनों से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक महत्व बढ़ा
बिहार में एमएलसी चुनाव और आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सहयोगी दलों के बीच सीटों और राजनीतिक भागीदारी को लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं। ऐसे में उपेंद्र कुशवाहा का यह बयान एनडीए की अंदरूनी राजनीति को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है।
नजरें अगले कदम पर
अब राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर है कि इस बयान पर भाजपा या एनडीए के अन्य सहयोगी दलों की क्या प्रतिक्रिया आती है। फिलहाल, उपेंद्र कुशवाहा के बयान ने बिहार की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।

