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chapra दुर्गा मंदिरों और पूजा पंडालों में माता के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की विशेष पूजन हुई

इटाढ़ी थाना क्षेत्र के भेलूपुर गांव से पुलिस ने गांजा की तस्करी करने वाले चाची और भतीजा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की। बताया जा रहा है कि भेलूपुर गांव में अंतरा देवी पति छोटेलाल चौहान द्वारा गांजे की सप्लाई की जा रही थी। इस काम मे पूरा परिवार संलिप्त पाया गया।  पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला अंतरा देवी को गिरफ्तार किया। वहीं उसकी निशानदेही पर उसके भतीजे पिंटू चौहान को भी गिरफ्त में ले लिया। थानाध्यक्ष राजेश मालाकार ने बताया कि दोनों के पास से पांच किलो दो सौ ग्राम मादक पदार्थ गांजा की बरामदगी की गई। 16 हजार 300 रुपये भी जब्त किए गए। आरोपियों द्वारा पुड़िया में भरकर इसकी सप्लाई विभिन्न छोटे दुकानदारों को की जा रही थी।  महिला अंतरा देवी गांजा खुद भी अपने घर से बेचती थी। उसने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उक्त गांजा उसके पति ने ही लाकर दिए थे। हालांकि उसने कहा कि वह पहली खेप ही है। लेकिन, पुलिस ने जब आसपास पता किया तो लोगों ने जानकारी दी कि पूरा परिवार ही इस अवैध तस्करी में संलिप्त है।  पिछले कई वर्षों से वे गांजा की तस्करी कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने महिला व उसके भतीजे को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो मामले का मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी महिला का पति छोटेलाल चौहान निकला। वह मौके से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि छापेमारी में दरोगा आरके सिंह, रामजी नट व अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल थे।


बिहार न्यूज़ डेस्क !!! पांचवें स्वरूप स्कन्द माता की पूजा निष्ठा पूर्वक के अगले दिन सभी दुर्गा मंदिरों में पूजा-अर्चना को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। माता के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की विशेष पूजन की गई। मां के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा को यहां विशेष व्यवस्था की गई। मगर इस बार कोरोना को लेकर प्रशासन की ओर सख्ती बरती जा रही है। प्रशासन की ओर से शारीरिक दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। यहां माता के छठे स्वरुप हाथ की पूजा-अर्चना की जाती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दे की,  सातवें दिन मां कालरात्रि की उपासना होती है। मां दुर्गा के सातवें स्वरूप कालरात्रि की पूजा का विधान है। शक्ति का यह रूप शत्रु और दुष्टों का संहार करने वाला है। मान्‍यता है कि मां कालरात्रि ही वह देवी हैं जिन्होंने मधु कैटभ जैसे असुर का वध किया था। महा सप्तमी के दिन पूरे विधि-विधान से कालरात्रि की पूजा करने पर मां अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। मां कालरात्रि की पूजा करने वाले भक्तों को किसी भूत, प्रेत या बुरी शक्ति का भय नहीं सताता। इस बार महा सप्तमी 23 अक्टूबर को है।

छपरा न्यूज़ डेस्क !!!

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