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Munger  बाल-भौहें पूरी तरह सफेद, देखने जुटी भीड़

बिहार सरकार के गन्ना एवं विधि मंत्री सह कटिहार के प्रभारी मंत्री प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को विकास भवन के सभागार में बाढ़ से जुड़ी नुकसान पर बैठक हुई। कटिहार सांसद दुलाल चंद्र गोस्वामी के अलावे कोढ़ा, प्राणपुर, कदवा, बरारी, बलराम पुर विधानसभा के विधायक मौजूद थे। सभी प्रतिनिधियों ने बाढ़ के दौरान अपने क्षेत्र में हुए नुकसान का आंकड़ा पेश किया। प्रभारी मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि बाढ़ के दौरान कटिहार जिला में प्रशासन द्वारा किए गए कार्य बेहद संतोषजनक है। जहां तक जीआर राशि का सवाल है। इस विषय पर जो भी शिकायत आई है। अधिकारियों को इस इसमें सुधार करने की निर्देश दिया गया है।  डीएम ने कहा-जिले के 88, 538 बाढ़ पीड़ितों को दी जा चुकी है जीआर राशि मौके पर डीएम उद‌्यन मिश्रा सहित कई अधिकारी इस बैठक में शामिल थे। डीएम ने बताया कि जिले में मुख्यतः 08 प्रखंड के 70 पंचायत में 687 गांंव प्रभावित हुए। जिसमें 7,30, 382 आबादी व कुल 90,872 पशु प्रभावित हुए। राहत केंद्र में 763 शरणार्थी द्वारा आवासन किया गया। बाढ़ आपदा से 20,423 हेक्टर क्षेत्र में लगे फसल की क्षति हुई। जिला प्रशासन द्वारा 1,10,000 आबादी को निष्क्रमित किया किया गया। 283 सामुदायिक किचन के माध्यम से 35 लाख प्लेट्स सुबह व शाम को मिलाकर खाना को खिलाया गया। 700 शौचालय एवं 350 ट्यूबवेल का निर्माण किया गया। 2,00,000 पैकेट सूखा राशन एवं 36,936 पॉलीथिन सीट का वितरण किया गया। पीड़ित गर्भवती महिलाओं को रेस्क्यू किया गया। अब तक कुल 88,538 व्यक्तियों को जीआर राशि दी जा चुकी है।  वंचित बाढ़ पीड़ित को जीआर राशि दी जाए: विधायक प्रभारी मंत्री ने सभी विधायकगण एवं अधिकारीगण को बाढ़ आपदा के स्थाई समाधान के दिशा में सुझाव देने का अनुरोध किया गया। ताकि बाढ़ आपदा से प्रभावित स्कूलों, बिजली आपूर्ति के सिस्टम, नहरों का मरमत्ती कराए जा सके। उन्होंने महानंदा नदी पर बनाए जाने वाले कदवा रिंग बांध के कार्य की प्रगति का समीक्षा की। बरारी विधायक ने जीआर राशि से वंचित परिवारों एवं गंगा एवं बरंडी नदी से हो रहे कटाव के दिशा में कार्य करने का अनुरोध किया। कदवा विधायक ने महानंदा नदी में गाद की समस्या से उत्पन्न् स्थिति से निपटने के लिए उचित कदम उठाए जाए व पीएचसी में डॉक्टरों की नियुक्ति हो।

बिहार न्यूज़ डेस्क !!! नवजात बच्चे की बाल व भौहें पूरी तरह से सफेद है। बच्चे को देखने के लिए अस्पताल में भर्ती मरीज व उसके परिजनों की भीड़ लगी हुई है। लोग बच्चे के साथ सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं। यह बच्चा पूरे अस्पताल के स्टाफ व मरीजों के लिए अजूबा से कम नहीं है। शिशु रोग विशेषज्ञ डा. कुमार अभिजीत के अनुसार ऐसे बच्चे हजारों में एक पैदा होते हैं, मुंगेर में ऐसा पहला बच्चा है जिसके बाल सफेद हैं। जानकारी के अनुसार धरहरा निवासी राकेश यादव की पत्नी प्रमिला देवी को प्रसव पीड़ा के बाद सदर अस्पताल मुंगेर में भर्ती किया गया। जहां उसकी स्थिति चिंताजनक देखते हुए चिकित्सकों ने उसे जेएलएनएमसीएच रेफर कर दिया था। वहीं देर रात ऑपरेशन कर सुरक्षित प्रसव करवाया गया। परंतु जब बच्चे पर नर्स आदि की नजर पड़ी तो सभी की आंखों में अजीब चमक दिख रही थी।

बच्चा का शरीर व बाल पूरी तरह सफेद थे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि,बच्चे के रंग-रूप के संबंध में डा. अयूब ने कहा कि बच्चे के शरीर में रंग बनाने वाले मेलाजिन पिग्मेंट का सही से डेवलपमेंट नहीं हो पाया जिसके कारण उसका रंग व बाल सफेद है। ऐसे हजारों में एक बच्चों के साथ ही संभव होता है। सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि,शिशु रोग विशेषज्ञ डा. कुमार अभिजीत ने बताया कि एल्बिनो की कमी से ऐसा होता है। खबरों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि,धरहरा की प्रमिला देवी ने भागलपुर में एक ऐसे पुत्र को जन्म दिया, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। इसे ऐक्रोमिया, एक्रोमेसिया या एक्रोमेटोसिस भी कहा जाता है। मेलेनिन के उत्पादन करने वाला एंजाइम का अभाव में ऐसा होता है। इसके परिणाम स्वरुप त्वचा, बाल और आंखों में रंग सफेद होते हैं। ऐसे बच्चे धूप को ज्यादा देर तक सहन नहीं कर सकते। डॉक्टर ने आगे बताया कि ऐसे बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी। हालांकि बच्चे ने इसके अलावा और कोई समस्या नहीं होगी। 

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