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मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बदहाल व्यवस्था उजागर, परिसर में कचरे का अंबार; 2 साल से बंद है अल्ट्रासाउंड सेवा

मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बदहाल व्यवस्था उजागर, परिसर में कचरे का अंबार; 2 साल से बंद है अल्ट्रासाउंड सेवा

गयाजी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल परिसर में जगह-जगह कचरे का ढेर लगा होने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है। परिसर में फैली गंदगी से संक्रमण फैलने का खतरा भी बना हुआ है, जबकि रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं।

दो साल से बंद पड़ी है अल्ट्रासाउंड सुविधा

अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा पिछले करीब दो वर्षों से बंद होने का दावा किया जा रहा है। इसके कारण मरीजों को निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। खासकर गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।

स्टाफ पर पैसे मांगने के आरोप

नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर एक मरीज के परिजन ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मरीज को एक वार्ड से दूसरे वार्ड में शिफ्ट करने के लिए कुछ कर्मचारियों द्वारा पैसे की मांग की जाती है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

प्रबंधन पर उठ रहे सवाल

अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को लेकर मरीजों और परिजनों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में यदि बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं होंगी, तो आम लोगों को बेहतर इलाज कैसे मिलेगा।

जांच और सुधार की मांग

मरीजों और सामाजिक संगठनों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की व्यवस्थाओं की जांच कराने और जल्द से जल्द अल्ट्रासाउंड सेवा बहाल करने की मांग की है। साथ ही सफाई व्यवस्था और मरीजों के साथ होने वाले कथित दुर्व्यवहार पर भी कार्रवाई की मांग उठ रही है।

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