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GOPALGANG जलस्तर कम होने के बाद गंडक नदी का कटाव तेज, घर तोड़ रहे ग्रामीण

बीते 15 अगस्त के बाद नेपाल के तराई इलाके में लगातार हो रही बारिश के बाद वाल्मीकि नगर बराज से पानी छोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया था, जिससे गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से दियारा के निचले इलाके में बसे गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। सदर प्रखंड, मांझा प्रखंड, सिधवलिया तथा बैकुंठपुर प्रखंड के दियारा के निचले इलाके के गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से घर छोड़कर ग्रामीण ऊंचे स्थानों तथा तटबंधों पर शरण ले ली। तटबंधों पर शरण लिए बाढ़ पीड़ितों को भोजन पानी को हो रही दिक्कत को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर सदर प्रखंड तथा बैठकुंठपुर प्रखंड में कम्युनिटी किचन खोल दिए गए। इधर कुछ दिनों में गंडक नदी का जलस्तर घटने से बाढ़ का पानी गांवों से निकलने लगा। तटबंध पर शरण लिए बाढ़ पीड़ित अपने अपने घरों को लौटने लगे। लेकिन जलस्तर घटने के साथ ही गंडक नदी का कटाव तेज हो गया है। मांझा प्रखंड की निमुइयां पंचायत के संखवा टोंक गांव के पास गंडक नदी तटबंध में तेजी से कटाव कर रही है। ग्रामीणों ने बताया कि ढाई किलोमीटर कटाव करते हुए गंडक नदी की मुख्य धारा गांव के समीप पहुंच गया है। कटाव को देखते हुए गांव के किनारे बसे लोग घर तोड़कर सामान समेटने लगे हैं। गंडक नदी के तेज कटाव को देखते हुए ग्रामीण दहशत में हैं। गंडक नदी के कटाव की जानकारी मिलने पर संखवा टोंक गांव के समीप पहुंचे जल संसाधन विभाग के पदाधिकारियों ने कटाव का जायजा लेते हुए कटाव निरोधात्मक कार्य शुरू करा दिया है।

बिहार न्यूज़ डेस्क !!!  मांझा प्रखंड की निमुइया पंचायत के संखवां गांव के समीप गंडक नदी के ढाई किलोमीटर तक कटाव करते हुए गांव के करीब तक पहुंच गई है। तटबंध पर भी गंडक नदी तेजी से कटाव कर रही है, जिससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गया है। गंडक नदी के तेज कटाव को देखते हुए ग्रामीण अपना घर तोड़ने लगे हैं। तेजी से कटाव कर रही गंडक नदी के रूख को देखकर ग्रामीणों ने अपना अपना घर तोड़ कर ईंट व बांस बल्ली निकाल कर पलायन करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी बीच गंडक नदी के तेजी से कटाव करने की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे जल संसाधन विभाग ने कटाव निरोधात्मक कार्य शुरू करा दिया है।बीते 15 अगस्त के बाद नेपाल के तराई इलाके में लगातार हो रही बारिश के बाद वाल्मीकि नगर बराज से पानी छोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया था, जिससे गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से दियारा के निचले इलाके में बसे गांव बाढ़ की चपेट में आ गए।

सदर प्रखंड, मांझा प्रखंड, सिधवलिया तथा बैकुंठपुर प्रखंड के दियारा के निचले इलाके के गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से घर छोड़कर ग्रामीण ऊंचे स्थानों तथा तटबंधों पर शरण ले ली। तटबंधों पर शरण लिए बाढ़ पीड़ितों को भोजन पानी को हो रही दिक्कत को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर सदर प्रखंड तथा बैठकुंठपुर प्रखंड में कम्युनिटी किचन खोल दिए गए।कुछ दिनों में गंडक नदी का जलस्तर घटने से बाढ़ का पानी गांवों से निकलने लगा। तटबंध पर शरण लिए बाढ़ पीड़ित अपने अपने घरों को लौटने लगे।  जलस्तर घटने के साथ ही गंडक नदी का कटाव तेज हो गया है। मांझा प्रखंड की निमुइयां पंचायत के संखवा टोंक गांव के पास गंडक नदी तटबंध में तेजी से कटाव कर रही है। ग्रामीणों ने बताया कि ढाई किलोमीटर कटाव करते हुए गंडक नदी की मुख्य धारा गांव के समीप पहुंच गया है। कटाव को देखते हुए गांव के किनारे बसे लोग घर तोड़कर सामान समेटने लगे हैं। गंडक नदी के तेज कटाव को देखते हुए ग्रामीण दहशत में हैं। गंडक नदी के कटाव की जानकारी मिलने पर संखवा टोंक गांव के समीप पहुंचे जल संसाधन विभाग के पदाधिकारियों ने कटाव का जायजा लेते हुए कटाव निरोधात्मक कार्य शुरू करा दिया है।

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