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Katihar ईद मिलादुन्नबी का जुलूस निकालने पर डीएम ने लगाई रोक, कहा-घरों में ही मनाएं त्याेहार

सदर अस्पताल में सोमवार को सिविल सर्जन डाॅ बीके झा जैसे ही पोर्टिको में खड़ी अपनी गाड़ी में बैठने लगे कि काफी संख्या में एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के उग्र रूप को देखते हुए सिविल सर्जन ने नगर थाना को फोन कर बुला लिया।  इसके साथ ही सिविल सर्जन गाड़ी से उतरे और प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं को समझाते हुए कहा कि सोमवार को डीआईओ के विभागीय खाते में विभिन्न योजना मद की प्रोत्साहन राशि भेज दी गई है। मंगलवार को शहर के सभी आशा कार्यकर्ताओं के खाते में कोरोना काल एवं अन्य अभियान के दौरान किए गए कार्य की प्रोत्साहन राशि चली जाएगी।  लेकिन प्रदर्शनकारी इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि सभी आशा कार्यकर्ताओं को बार-बार ठगा जा रहा है। मौके पर डीआईओ डाॅ गोपाल मिश्रा पहुंचे और अभी आशा कार्यकर्ताओं एवं एएनएम को समझाने का प्रयास किया।  इस दौरान प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही स्वास्थ कर्मचारी संघ की अध्यक्ष एएनएम आशा कुमारी ने कहा कि सोमवार को एसीपी एवं एम एसीपी को लेकर दोपहर दो बजे से बैठक होने वाली थी, जिसको लेकर सिविल सर्जन ने एक पत्र भी निकाला था। लेकिन वे बिना बैठक किए हुए भोजन करने जा रहे है। इस प्रकार बार-बार कर्मचारी संघ के द्वारा सिविल सर्जन से एसीपी एवं एम एसीपी भुगतान को लेकर कहा जाता है।


बिहार न्यूज़ डेस्क !!! पैगंबर के जन्मदिवस के अवसर पर हर वर्ष जिले में जुलूस व जश्ने ईद मिलादुन्नबी का आयोजन होता था मगर इस साल भी पिछले साल की तरह ही कोरोना संक्रमण के कारण जुलूस पर पाबंदी लगा दी गई हैं । बता दें कि, जिला प्रशासन ने फैसला लिया है कि इस वर्ष बारहवीं शरीफ़ के जलसे व जुलूस का आयोजन नहीं किया जाएगा ।

जानकारी के अनुसार, जुलूस निकालने के लिए शिरत कमेटी की ओर से जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया था मगर राज्य सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार जुलूस निकालने में रोक लगा दी गई है । इसके आगे राज्य सरकार ने कहा कि, इस दौरान घरों और मोहल्लों में लोग अपना त्योहार मना सकते हैं । जिसे लेकर कमिटी के सदस्यों ने लोगों से अपील की है कि बारहवीं शरीफ़ के मौके पर अपने-अपने घरों में ही जश्न और चिरागां का आयोजन किया जाए और पैगंबर इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्ललाहू अ़लैह वसल्लम के प्रति अपनी आस्था और प्रेम प्रकट करें ।

इसके आगे कमिटी के सदस्यों ने कहा कि इस पवित्र अवसर पर गरीबों, यतीमों, बेवाओं और बेसहारा लोगों को खाना, राशन, कपड़ा और रुपए पैसे देकर मदद करें । इस अवसर पर सीरत कमेटी के अहसान रजा, फैज आलम मुन्ना, जाहिद, मसरूफ आलम सहित कमेटी के अन्य सदस्य शामिल थे।

छपरा  न्यूज़ डेस्क !!!

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