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BHAGALPUR नाेटिस पर अधीक्षक का जवाब- मैं तो मां की तरह पेश आती हूं, सभी आराेप गलत

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बिहार न्यूज़ डेस्क !!! टीएमबीयू के डीएसडब्ल्यू डाॅ. रामप्रवेश सिंह की ओर से किए गए शाेकाॅज का जवाब मंगलवार काे दिया जिसमें कहा कि छात्राओं ने उन पर जितने भी आराेप लगाए हैं, गलत हैं। खबरों से प्राप्त जानकर के अनुसार बताया जा रहा है कि,उन्हाेंने कभी भी छात्राओं पर किसी चीज के लिए दबाव नहीं बनाया है। बस नियमाें का पालन करने के लिए कहती हूं। डीएसडब्ल्यू ने उनके लिखित जवाब काे संचिका में शामिल करने का निर्देश दिया। मीडिया रिपेार्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि,छात्राएं भी टीएमबीयू प्रशासनिक भवन पहुंच गईं। वे भी डीएसडब्ल्यू से मिलीं और अधीक्षक काे हटाने की मांग की।

छात्राओं ने डीएसडब्ल्यू से कहा कि उन्हें अधीक्षक के रूप में नाहिदा नसरीन नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि जब से अधीक्षक हॉस्टल नहीं आई हैं, तब से उनलाेगाें काे काेई परेशानी नहीं हाे रही है।जब छात्राएं डीएसडब्ल्यू से मिल रही थीं, अधीक्षक उनके चेंबर के बगल वाले कार्यालय में बैठी थीं। लेकिन छात्राओं के निकलने से पहले वह अपना शाेकाॅज सहायक काे देकर चलीं गईं।डीएसडब्ल्यू ने कहा कि एक छात्रा के हॉस्टल में रहने काे लेकर अधीक्षक यह भी कहती रही हैं कि उसका घर हॉस्टल से तीन किमी की दूरी पर है नियमत: 10 किमी के दायरे के बाहर की छात्रा काे ही हॉस्टल में रखना है।

बीएन काॅलेज के पास स्थित अल्पसंख्यक गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं काे हमेशा बुर्के में रहने और ट्राउजर नहीं पहनने का तालिबानी फरमान जारी करने के आराेप पर अधीक्षक नाहिदा नसरीन ने खुद काे बेदाग बताया है। जब अधीक्षक से पूछा कि इस नियम के उलट छात्रा काे हॉस्टल में दाखिला कैसे दिया गया ताे अधीक्षक काेई जवाब नहीं दे पाईं। सूत्राें ने बताया कि अल्पसंख्यक हॉस्टल से जुड़ी समस्या दूर नहीं हुई ताे विवि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग या मंत्रालय के स्तर पर बात करेगा।

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