टीएमसी में मची भगदड़, विपक्ष पहले अपना घर संभाले : मुख्तार अब्बास नकवी
नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में कथित अंदरूनी कलह, प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल और विपक्षी गठबंधन की राजनीति पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि टीएमसी आज अपने ही बनाए राजनीतिक संकट में फंस गई है और विपक्ष का साझा मंच बनने से पहले ही बिखरता नजर आ रहा है।
टीएमसी सांसदों के पार्टी छोड़ने की अटकलों को कीर्ति आजाद द्वारा खारिज किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए नकवी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर गंभीर अंतर्विरोध उभरकर सामने आए हैं। जब दीदी का घर भतीजे का घरौंदा बन जाए, तो झमेला होना तय है। इस घर के खेल में अब ममता बनर्जी और टीएमसी खुद फंस गए हैं। कहते हैं कि घर को आग लगी है, घर के चिराग से। टीएमसी का अहंकार, अराजकता, उद्दंडता और जनादेश के प्रति दुराग्रहपूर्ण रवैया आज उसी पर भारी पड़ रहा है।
नकवी ने आगे कहा कि पार्टी को पहले यह तय करना चाहिए कि उसे अपना घर किससे बचाना है। खुद आपके घर में घमासान और भगदड़ मची हुई है। आपकी एंट्री गेट पर सन्नाटा है और एग्जिट गेट पर भगदड़ मची हुई है। पहले इस स्थिति को संभालिए। भाजपा नेता ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि सांसद यूसुफ पठान को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का फोन आया था। इस पर नकवी ने कहा कि बेवजह शोर मचाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि घर आपसे संभल नहीं रहा है और पूरे देश में शोर मचा रहे हैं कि बचाओ-बचाओ। आपके घर के अंदर जो घमासान मचा हुआ है, उसके पीछे अति-आत्मविश्वास और आंतरिक विरोधाभास जिम्मेदार हैं। पहले उन्हें ठीक कीजिए। केवल शोर मचाने से कोई लाभ नहीं होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर मुख्तार अब्बास नकवी ने इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह पहली गैर-कांग्रेसी सरकार है, जिसने कांग्रेस के समर्थन या कथित 'रिमोट कंट्रोल' के बिना लगातार सफलतापूर्वक शासन किया है। यह पहली गैर-कांग्रेस सरकार है, जो बिना कांग्रेस के रिमोट और सपोर्ट के सुशासन के सफल सफर को लगातार, बिना रुके और बिना थके आगे बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह करके दिखाया है। भारतीय राजनीति में लंबे समय तक यह धारणा बनी रही कि गैर-कांग्रेसी सरकारें स्थिर नहीं रह सकतीं। लेकिन, मोदी सरकार ने इस सोच को बदल दिया है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग वक्त के सांचे में ढल जाते हैं और कुछ लोग वक्त का ढांचा बदल देते हैं। यह जो रिवाज और मिजाज था कि कांग्रेस के बिना सरकार नहीं चल सकती, वह पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। मोदी सरकार जिस मजबूती के साथ काम कर रही है, वह भारत, सुशासन, लोकतंत्र और देश की जनता के लिए अच्छी बात है।
वहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा कांग्रेस को दी गई सलाह के सवाल पर भी नकवी ने विपक्षी एकता पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का साझा मंच बनने से पहले ही बिखरता दिखाई दे रहा है। इनका रंगमंच बनने से पहले ही धराशायी होता दिखाई दे रहा है। इस रंगमंच में शामिल सभी रणछोड़ बहादुरों की अपनी-अपनी तमन्नाएं और महत्वाकांक्षाएं हैं। हर कोई यही सोचता है कि सत्ता के सिंहासन पर वही शीर्ष पर बैठे।
--आईएएनएस
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