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सिक्किम में आत्महत्या दर में 15.8 प्रतिशत की कमी, मानसिक स्वास्थ्य पहलों का दिखा असर: स्वास्थ्य मंत्री जी.टी. ढुंगेल

गंगटोक, 9 जून (आईएएनएस)। सिक्किम में 2022 और 2024 के बीच आत्महत्या की दर में 15.8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। 2022 में प्रति लाख आबादी पर 43.1 लोगों ने मौत को गले लगाया, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर 36.3 हो गई। सिक्किम के स्वास्थ्य मंत्री जी.टी. ढुंगेल ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजा आंकड़ों के हवाले से यह जानकारी दी है।
सिक्किम में आत्महत्या दर में 15.8 प्रतिशत की कमी, मानसिक स्वास्थ्य पहलों का दिखा असर: स्वास्थ्य मंत्री जी.टी. ढुंगेल

गंगटोक, 9 जून (आईएएनएस)। सिक्किम में 2022 और 2024 के बीच आत्महत्या की दर में 15.8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। 2022 में प्रति लाख आबादी पर 43.1 लोगों ने मौत को गले लगाया, जबकि 2024 में यह संख्या घटकर 36.3 हो गई। सिक्किम के स्वास्थ्य मंत्री जी.टी. ढुंगेल ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजा आंकड़ों के हवाले से यह जानकारी दी है।

इस बदलाव का स्वागत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री जी.टी. ढुंगेल ने कहा कि यह उपलब्धि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, स्कूलों, एनजीओ, स्थानीय निकायों, पुलिस कर्मियों और समुदाय के लोगों की मिली-जुली कोशिशों का नतीजा है। उन्होंने राज्यभर में जागरूकता बढ़ाने, समय रहते मदद करने और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने के लिए नेशनल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम, टेली-मानस, सिक्किम इंस्पायर्स और डिस्ट्रिक्ट मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के तहत शुरू की गई पहलों को इसका श्रेय दिया।

मंत्री ने बताया कि मुख्य उपायों में भेदभाव-विरोधी अभियान, जोखिम वाले लोगों की सामुदायिक स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य कर्मियों, काउंसलरों, शिक्षकों और फ्रंटलाइन कर्मियों को ट्रेनिंग देना, और संकट के समय मदद और रेफरल सेवाओं का विस्तार करना शामिल था।

जनता से सतर्क रहने की अपील करते हुए मंत्री ने भावनात्मक परेशानी का सामना कर रहे लोगों की जल्द पहचान करने के महत्व पर जोर दिया और मानसिक स्वास्थ्य के बारे में खुलकर बातचीत करने को बढ़ावा दिया। उन्होंने नागरिकों से समय पर पेशेवर मदद लेने और उपलब्ध सेवाओं, जिसमें 24x7 टेली-मानस हेल्पलाइन का इस्तेमाल करने का आग्रह किया।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि आत्महत्या की दरों में कमी यह दिखाती है कि अगर लोगों को शुरुआती दौर में ही मदद, इलाज और देखभाल मिले, तो आत्महत्या को रोका जा सकता है। विभाग ने माना कि लगातार कोशिशें जरूरी हैं, लेकिन साथ ही इस बात पर जोर दिया कि यह सकारात्मक रुझान लगातार किए जा रहे और सबूतों पर आधारित उपायों की कामयाबी को दर्शाता है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, भावनात्मक परेशानी का सामना कर रहे लोगों का साथ दें, मदद मांगने की आदत को बढ़ावा दें और मानसिक स्वास्थ्य के बारे में खुलकर बातचीत को प्रोत्साहित करें। विभाग ने इस बात पर जोर दिया कि शुरुआती पहचान और समय पर रेफरल जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। पूरे सिक्किम में एटीएनएम अस्पताल और ज़िला अस्पतालों में भी मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं।

--आईएएनएस

ओपी/वीसी

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