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रोहित शेट्टी फायरिंग केस: आरजू बिश्नोई वांटेड घोषित, मामले में गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क में था

मुंबई, 19 फरवरी (आईएएनएस)। बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास पर हुई फायरिंग की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले से जुड़े नए खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने शुभम लोनकर के अलावा आरजू बिश्नोई को भी वांटेड आरोपी घोषित कर दिया है। जांच में खुलासा हुआ कि आरजू बिश्नोई भी गिरफ्तार आरोपियों के लगातार संपर्क में था।
रोहित शेट्टी फायरिंग केस: आरजू बिश्नोई वांटेड घोषित, मामले में गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क में था

मुंबई, 19 फरवरी (आईएएनएस)। बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास पर हुई फायरिंग की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले से जुड़े नए खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने शुभम लोनकर के अलावा आरजू बिश्नोई को भी वांटेड आरोपी घोषित कर दिया है। जांच में खुलासा हुआ कि आरजू बिश्नोई भी गिरफ्तार आरोपियों के लगातार संपर्क में था।

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, जांच में पुख्ता सबूत मिले हैं कि आरजू बिश्नोई और शुभम लोनकर दोनों ही इस मामले में शामिल शूटरों और अन्य आरोपियों से लगातार संपर्क में थे। इसी आधार पर दोनों को अब वांटेड घोषित किया गया है और उनकी तलाश में कई टीमें लगाई गई हैं।

इस केस का सबसे संवेदनशील पहलू मुख्य शूटर दीपक शर्मा की निजी जिंदगी से जुड़ा हुआ है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि दीपक के परिवार में दो भाई और तीन बहनें हैं। उसकी सबसे छोटी बहन की पिछले साल शादी हुई थी, जिसके लिए परिवार को घर तक गिरवी रखना पड़ा था। इसके अलावा, उसकी एक बहन को बीमारी के चलते उसके पति ने छोड़ दिया था, जिसकी पूरी जिम्मेदारी अब दीपक पर आ गई थी। इन्हीं आर्थिक परेशानियों के चलते वह गलत रास्ते की ओर निकल पड़ा।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पैसों की तंगी से जूझ रहा दीपक इस अपराध को करने के लिए पूरी तरह मानसिक रूप से तैयार नहीं था। फायरिंग से ठीक पहले वह बेहद घबराया हुआ था। पूछताछ में उसने बताया कि डर को दबाने के लिए उसने शराब पी और फिर हिम्मत जुटाकर रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की।

जांच में यह भी सामने आया है कि इस फायरिंग के लिए दीपक और उसके तीन साथियों को कुल तीन लाख रुपए देने का वादा किया गया था। इसमें से 50 हजार रुपए की पहली किस्त पहले ही दे दी गई थी, ताकि शूटरों की तैयारी, आने-जाने और अन्य खर्च पूरे किए जा सकें। बाकी रकम वारदात के बाद देने की बात कही गई थी।

--आईएएनएस

पीके/वीसी

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