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नीट-2026 पुनर्परीक्षा को लेकर बिहार पुलिस अलर्ट, अफवाह और साइबर ठगी से बचने की अपील

पटना, 9 जून (आईएएनएस)। आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली नीट-2026 की लिखित पुनर्परीक्षा को लेकर बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने अभ्यर्थियों और आम लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि असामाजिक तत्व और साइबर ठग परीक्षा को लेकर अफवाह फैलाने, फर्जी प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने तथा नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का प्रयास कर सकते हैं।
नीट-2026 पुनर्परीक्षा को लेकर बिहार पुलिस अलर्ट, अफवाह और साइबर ठगी से बचने की अपील

पटना, 9 जून (आईएएनएस)। आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली नीट-2026 की लिखित पुनर्परीक्षा को लेकर बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने अभ्यर्थियों और आम लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि असामाजिक तत्व और साइबर ठग परीक्षा को लेकर अफवाह फैलाने, फर्जी प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने तथा नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का प्रयास कर सकते हैं।

आर्थिक अपराध इकाई ने कहा है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित नीट-2026 पुनर्परीक्षा राज्य के विभिन्न जिलों में 21 जून को आयोजित की जानी है। ऐसे में साइबर अपराधियों द्वारा फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप, एक्स (पूर्व में ट्विटर) समेत विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग कर परीक्षा संबंधी भ्रामक सूचनाएं फैलाए जाने की आशंका है।

ईओयू ने अभ्यर्थियों को सचेत करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति प्रश्नपत्र या उत्तरपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर फोन, सोशल मीडिया या ई-मेल के माध्यम से संपर्क कर पैसे की मांग करता है तो तत्काल सतर्क हो जाएं और इसकी सूचना नजदीकी थाना या साइबर थाना को दें। साथ ही किसी भी अफवाहपूर्ण या भ्रामक संदेश को आगे फॉरवर्ड नहीं करने की अपील की गई है।

पुलिस ने कहा है कि यदि सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र या उत्तरपत्र वायरल होने की कोई सूचना मिलती है तो संबंधित पोस्ट और उसके यूआरएल की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि उसकी सत्यता की जांच कर दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके।

परीक्षा में गड़बड़ी फैलाने की किसी भी साजिश या सूचना की जानकारी आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना के मोबाइल एवं व्हाट्सएप नंबर 9031829067 तथा ई-मेल पर दी जा सकती है। इसके अलावा साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी दर्ज कराई जा सकती हैं।

ईओयू ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक परीक्षाओं में कदाचार रोकने के लिए दोषियों को 10 वर्ष तक के कारावास और एक करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता, 2023 में भी परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए कड़े दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं।

बिहार पुलिस ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या लालच में न आएं और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

--आईएएनएस

एमएनपी/एसके

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