'ममता और अभिषेक बनर्जी के लिए आने वाला समय मुश्किल', टीएमसी में बगावत पर बोले जदयू नेता
पटना, 9 जून (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों की बगावत पर जदयू (जनता दल यूनाइटेड) के प्रवक्ता राजीव रंजन ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के लिए सही नहीं होगा। जिस तरीके से अभिषेक बनर्जी के तानाशाहीपूर्ण रवैये की वजह से आंतरिक लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया था। टीएमसी में कोई सहज नहीं था।
राजीव रंजन प्रसाद ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "टीएमसी लंबे समय तक पश्चिम बंगाल में सत्ता में रही, जैसे ही सत्ता से जनता ने बेदखल किया, पार्टी के अंदर की गुटबाजी सार्वजनिक रूप से बाहर आ चुकी है। आने वाला समय ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के लिए सही नहीं होगा।"
कथित तौर पर एनडीए सरकार को समर्थन देने वाले 20 बागी टीएमसी सांसदों पर उन्होंने कहा, "ये होना ही था, जिस तरीके से अभिषेक बनर्जी के तानाशाहीपूर्ण रवैये की वजह से आंतरिक लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया था। टीएमसी में कोई सहज नहीं था। पहले विधानमंडल दल का विभाजन हुआ और इसके बाद अब जिस तरह से बड़ी संख्या में सांसदों का विद्रोह सामने आ गया है।"
जदयू प्रवक्ता ने आगे कहा, "चाहे काकोली घोष हों या कई अन्य वरिष्ठ नेता, कई लोगों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व पर अपना अविश्वास जताया है। कहा जा रहा है कि टीएमसी का एक अलग गुट भूपेंद्र यादव से भी मिला है। दिल्ली में ममता बनर्जी की मौजूदगी के बावजूद, इन सांसदों ने उनसे मिलना उचित नहीं समझा। ठीक इसके पहले, विधायक दल की भी औपचारिक विघटन की घोषणा हुई। वहां, नेता प्रतिपक्ष का पद भी टीएमसी के विरोधी खेमे को मिला है।"
उन्होंने कहा, "स्पष्ट है कि टीएमसी आने वाले समय में ममता बनर्जी के नेतृत्व में काम नहीं करेगी। गिने-चुने सांसद और विधायक ही उनकी अगुवाई में आगे जाने का मन बना रहे हैं। हो सकता है कि भविष्य में वे भी साथ छोड़ दें।"
'इंडिया' ब्लॉक को लेकर राजीव रंजन ने कहा, "कई लोग उन्हें छोड़कर जा चुके हैं। यह 'इंडिया गठबंधन' सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए है। न विचार मिलते हैं, न मुद्दों पर सहमति है और न ही नेतृत्व तय है। दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ने शानदार सफलताएं हासिल की हैं। इसलिए यह मुकाबला एक तरफा है। एनडीए के विकल्प के तौर पर इंडिया गठबंधन खुद को साबित करने के बारे में सोचता है तो यह हास्यास्पद होगा।"
--आईएएनएस
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