कांगो में इबोला : बुनिया से आने-जाने वाली सभी यात्री उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित
किंशासा, 24 मई (आईएएनएस)। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो (डीआरसी) की सरकार ने पूर्वोत्तर इतुरी प्रांत की राजधानी बुनिया से आने-जाने वाली सभी यात्री उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह इलाका चल रहे इबोला प्रकोप का मुख्य केंद्र है। परिवहन मंत्रालय ने यह जानकारी दी है।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, 15 मई को इतुरी में इबोला प्रकोप घोषित किया गया था। बुनिया भी इसके सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल है। सरकारी बयान के अनुसार (स्थानीय समयानुसार शनिवार को), अगले आदेश तक बुनिया हवाई अड्डे पर कोई भी विमान न तो उतर सकेगा और न ही वहां से उड़ान भर सकेगा।
मंत्रालय ने बताया कि बुनिया आने-जाने वाली सभी वाणिज्यिक, निजी और विशेष उड़ानें रोक दी गई हैं। हालांकि, मानवीय मदद, मेडिकल और आपातकालीन उड़ानों को अनुमति दी जा सकती है लेकिन इसके लिए विमानन और स्वास्थ्य अधिकारियों की मंजूरी जरूरी होगी।
यह बीमारी अब पड़ोसी प्रांतों नॉर्थ किवु और साउथ किवु तक भी फैल चुकी है। युगांडा, जो इतुरी की सीमा से लगता है, वहां भी कुछ मामलों की पुष्टि हुई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने शुक्रवार को कहा कि कांगो (डीआरसी) की स्थिति 'बहुत चिंताजनक' है। उनके अनुसार अब तक 82 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और सात लोगों की मौत हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि असली आंकड़े इससे कहीं ज्यादा हो सकते हैं। लगभग 750 संदिग्ध मामले और 177 संदिग्ध मौतें बताई गई हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे जांच और टेस्टिंग बढ़ेगी, ये आंकड़े बदल सकते हैं, लेकिन हिंसा और असुरक्षा की वजह से राहत और नियंत्रण के काम में दिक्कत आ रही है।
युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि वहां तीन नए इबोला मामले सामने आए हैं, जिससे पुष्टि किए गए मामलों की संख्या पांच हो गई है।
यह प्रकोप 'बुंडिबुग्यो स्ट्रेन' से जुड़ा है, जो इबोला का एक दुर्लभ प्रकार है और पहली बार 2007 में युगांडा में पाया गया था। यह उस के 'जायर स्ट्रेन' से अलग है, जो पहले कांगो में बड़े प्रकोपों के लिए जिम्मेदार रहा है। इस 'बुंडिबुग्यो स्ट्रेन' के लिए अभी कोई मंजूर वैक्सीन या खास इलाज मौजूद नहीं है। कुछ संभावित वैक्सीन पर चर्चा चल रही है, लेकिन डब्ल्यूएचओ के अनुसार इनकी उपलब्धता में अभी कई महीने लग सकते हैं।
डब्ल्यूएचओ की वायरल रक्तस्रावी बुखार की तकनीकी अधिकारी अनाइस लेगैंड ने बुधवार को कहा कि भले ही संभावित वैक्सीन ट्रायल की तैयारी चल रही है, लेकिन फिलहाल सबसे जरूरी काम सुरक्षित और बेहतर इलाज केंद्र बनाना, मरीजों को सही जगह पहुंचाने की व्यवस्था करना, और हर संदिग्ध मामले को जल्दी पहचानकर इलाज देना है।
--आईएएनएस
एवाई/पीएम

