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केंद्र ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर में डिफेंस की जमीन पर पहले बड़े सोलर पावर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी

नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। रक्षा मंत्रालय की खाली पड़ी रक्षा भूमि के अधिकतम उपयोग की पहल के तहत, केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सोलर पावर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। यह जानकारी रक्षा मंत्रालय की ओर से मंगलवार को दी गई।
केंद्र ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर में डिफेंस की जमीन पर पहले बड़े सोलर पावर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी

नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। रक्षा मंत्रालय की खाली पड़ी रक्षा भूमि के अधिकतम उपयोग की पहल के तहत, केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सोलर पावर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। यह जानकारी रक्षा मंत्रालय की ओर से मंगलवार को दी गई।

मंत्रालय ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सीतापुर (पूर्व छावनी क्षेत्र) में लगभग 850 एकड़ रक्षा मंत्रालय की खाली पड़ी जमीन पर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) सहित 250 मेगावाट के सोलर पावर प्रोजेक्ट की स्थापना सरकारी कंपनी एनटीपीसी के माध्यम से की जाएगी।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह पहल स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रक्षा बलों के लिए दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के अलावा, इस परियोजना से रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए पारंपरिक ग्रिड बिजली की खरीद पर होने वाले खर्च में काफी कमी आने की उम्मीद है। इससे परियोजना की अवधि के दौरान सरकारी खजाने में बचत होगी।

एनटीपीसी लिमिटेड रक्षा प्रतिष्ठानों के लिए सबसे अनुकूल ऊर्जा मूल्य निर्धारण और बचत सुनिश्चित करने हेतु प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से इस परियोजना को कार्यान्वित कर रही है। यह परियोजना रक्षा मंत्रालय (सेना) के एकीकृत मुख्यालय और रक्षा संपदा महानिदेशालय (डीजीडीई) के साथ बेहतर समन्वय में कार्यान्वित की जाएगी। यह परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और पर्यावरणीय स्थिरता का संगम है, जो रणनीतिक हितों की रक्षा करते हुए राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के समर्थन में अपनी संपत्तियों का लाभ उठाने के लिए रक्षा मंत्रालय की प्रतिबद्धता को उजागर करती है।

परियोजना पूरी होने पर सीतापुर सोलर पावर प्रोजेक्ट रक्षा भूमि पर स्थापित देश की सबसे महत्वपूर्ण रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में से एक के रूप में उभरेगी और परियोजना के रक्षा क्षेत्र में भविष्य की सौर-सह-भंडारण परियोजनाओं के लिए एक मानदंड स्थापित करने की उम्मीद है।

इस परियोजना के लिए रक्षा मंत्रालय, एनटीपीसी, रक्षा मंत्रालय (सेना) का मुख्यालय और डीजीडीई परियोजना के समय पर कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए बेहतर समन्वय में कार्य करेंगे।

--आईएएनएस

एबीएस

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