फाल्टा के नतीजे पर अभिषेक बनर्जी की मांग, 'सीसीटीवी फुटेज की स्वतंत्र ऑडिट कराई जाए'
कोलकाता, 24 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों में प्रचंड हार का सामना करने के बाद तृणमूल कांग्रेस के लिए फाल्टा सीट पर हुए पुनर्मतदान के नतीजे भी बेहद निराशाजनक रहे। इस सीट पर भाजपा को एक लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत मिली। दूसरी तरफ हार से एक बार फिर बौखलाई टीएमसी ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं।
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया कि फाल्टा सीट पर पुनर्मतदान की प्रक्रिया में कई बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र की रिपोल काउंटिंग ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने बताया कि रविवार को दोपहर 3:30 बजे तक सभी 21 राउंड की गिनती पूरी कर ली गई, जबकि 4 मई को इसी समय तक केवल 2 से 4 राउंड की ही मतगणना हुई थी। देश को इस अंतर का जवाब चुनाव आयोग से मिलना चाहिए।
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि पिछले 10 दिनों में फाल्टा इलाके से पार्टी के 1,000 से अधिक कार्यकर्ताओं को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा, लेकिन चुनाव आयोग ने इस पूरे मामले में आंखें मूंदे रखीं। उन्होंने दावा किया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद पार्टी कार्यालयों में दिनदहाड़े तोड़फोड़ की गई, लेकिन आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
अभिषेक बनर्जी ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन अधिकारी पर मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगे थे, उसी अधिकारी को नई पश्चिम बंगाल सरकार का मुख्य सचिव बना दिया गया। यह नियुक्ति उस समय हुई जब फाल्टा में आदर्श आचार संहिता अभी भी लागू थी और मतदान प्रक्रिया पूरी भी नहीं हुई थी।
टीएमसी सांसद ने यह भी दावा किया कि 4 मई को मतगणना केंद्र से तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों के काउंटिंग एजेंट्स को बाहर निकाल दिया गया, जबकि भाजपा के एजेंट्स को अंदर रहने दिया गया। यह कार्रवाई चुनाव आयोग के अधीन तैनात अधिकारियों और केंद्रीय बलों ने की।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यह मामला स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मूल भावना पर सीधा हमला है। उन्होंने मांग की कि पूरे मतगणना प्रक्रिया की स्वतंत्र सीसीटीवी ऑडिट कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। उन्होंने पोस्ट के अंत में कहा, "सच्चाई को हमेशा दबाया नहीं जा सकता।"
बता दें कि पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए पुनर्मतदान के नतीजे रविवार को घोषित कर दिए गए। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार देबांगशु पांडा 1,09,021 वोटों के भारी अंतर से विजयी घोषित किए गए, जबकि टीएमसी अपनी जमानत तक नहीं बचा सकी।
--आईएएनएस
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