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सीबीएसई बोर्ड परीक्षा री-इवैल्यूएशन फीस के लिए मैदान में उतरे 4 बड़े बैंक

नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। देश के चार बड़े बैंक सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के री-इवैल्यूएशन पेमेंट में मदद करेंगे। इसी के साथ ही सीबीएसई की भुगतान व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। बोर्ड परीक्षा परिणाम के बाद छात्रों को री-इवैल्यूएशन में तकनीकी दिक्कतों और पेमेंट फेल होने की शिकायतों का सामना करना पड़ा है। खासतौर पर री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को लगातार तकनीकी दिक्कतों व पेमेंट फेल होने की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा री-इवैल्यूएशन फीस के लिए मैदान में उतरे 4 बड़े बैंक

नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। देश के चार बड़े बैंक सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के री-इवैल्यूएशन पेमेंट में मदद करेंगे। इसी के साथ ही सीबीएसई की भुगतान व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। बोर्ड परीक्षा परिणाम के बाद छात्रों को री-इवैल्यूएशन में तकनीकी दिक्कतों और पेमेंट फेल होने की शिकायतों का सामना करना पड़ा है। खासतौर पर री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को लगातार तकनीकी दिक्कतों व पेमेंट फेल होने की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस समस्या को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बातचीत कर तत्काल समाधान पर चर्चा की है। गौरतलब है कि सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकन व पुनर्मूल्यांकन व्यवस्था को लेकर कई छात्र, शिक्षक व अभिभावक अपनी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। इस विषय पर देशभर में कई विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों के बीच व्यापक असंतोष और चर्चा का माहौल है।

दरअसल, इस वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ प्रणाली के जरिए किया गया है। इसका उद्देश्य मूल्यांकन में पारदर्शिता, एकरूपता और गणना संबंधी त्रुटियों को समाप्त करना था। हालांकि, परीक्षा परिणाम आने के बाद बड़ी संख्या में छात्र रिजल्ट के प्रति असंतोष व्यक्त कर रहे हैं। यही नहीं बड़ी संख्या में छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की पुनर्मूल्यांकन के लिए भी आवेदन किया है। कई बार छात्रों को पुनर्मूल्यांकन के लिए फीस जमा करवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

छात्रों की शिकायत है कि पुनर्मूल्यांकन की ऑनलाइन पेमेंट बार-बार फेल हो रही है। वहीं, इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री और शिक्षा मंत्री के बीच हुई इस महत्वपूर्ण बातचीत के बाद फैसला लिया गया कि देश के चार बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अब सीबीएसई की पेमेंट गेटवे प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करेंगे। इन बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक और इंडियन बैंक शामिल हैं। ये चारों बैंक सीबीएसई के पोस्ट-एग्जामिनेशन सर्विस पोर्टल के साथ तकनीकी एकीकरण कर डिजिटल भुगतान व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और स्थिर बनाएंगे।

नई व्यवस्था के तहत छात्रों को फीस जमा करने में आने वाली परेशानियों को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा भुगतान फेल होने, डुप्लीकेट ट्रांजैक्शन और अतिरिक्त राशि कटने जैसी समस्याओं के समाधान के लिए ऑटोमैटिक रिफंड सिस्टम भी विकसित किया जाएगा ताकि छात्रों और अभिभावकों को बार-बार शिकायत दर्ज कराने की जरूरत न पड़े।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीबीएसई को अपने पेमेंट गेटवे सिस्टम का पूर्ण ओवरहॉल करने का निर्देश भी दिया है। सरकार का मानना है कि बोर्ड परीक्षाओं के बाद लाखों छात्र री-चेकिंग, री-इवैल्यूएशन और अन्य ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करते हैं, ऐसे में डिजिटल भुगतान प्रणाली का मजबूत और निर्बाध होना बेहद जरूरी है।

सरकार को उम्मीद है कि वित्त मंत्रालय, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और सीबीएसई के बीच यह समन्वित प्रयास छात्रों को तेज, सुरक्षित और बिना रुकावट वाली डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराएगा। आने वाले समय में छात्रों को भुगतान संबंधी तकनीकी बाधाओं से काफी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी

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