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अब बदल जाएगा वॉट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम चलाने का अंदाज, भारत में हुई Meta AI की एंट्री जाने क्या-कुछ मिलेगा खास 

अब बदल जाएगा वॉट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम चलाने का अंदाज, भारत में हुई Meta AI की एंट्री जाने क्या-कुछ मिलेगा खास 

टेक न्यूज़ डेस्क - मेटा एआई ने भारत में कदम रख दिया है। फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा का यह एआई सबसे एडवांस्ड एलएलएम यानी लार्ज लैंग्वेज मॉडल है जो लामा 3 पर आधारित है। अब यूजर फीड, चैट और दूसरे मेटा प्लेटफॉर्म पर मेटा एआई का फ्री में इस्तेमाल कर सकते हैं। इस एआई चैटबॉट को meta.ai वेबसाइट पर जाकर भी एक्सेस किया जा सकता है। इसे फिलहाल सिर्फ अंग्रेजी में ही पेश किया जा रहा है। मेटा एआई अब पहले से ज्यादा स्मार्ट और तेज हो गया है। कंपनी ने बताया कि यूजर अब मौजूदा ऐप्स में नए एआई टूल्स का फायदा उठा सकते हैं। मेटा के मुताबिक मेटा एआई का टेक्स्ट-बेस्ड एक्सपीरियंस लामा 2 पर आधारित है। वहीं, लामा 3 इमेज जेनरेशन टूल्स के लिए जिम्मेदार है।

व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक और मैसेंजर में एक्सेस किया जा सकेगा
यूजर्स मेटा एआई को व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक और मैसेंजर में एक्सेस कर सकते हैं। इसके लिए यूजर्स को अपने डिवाइस में इन ऐप्स का लेटेस्ट वर्जन इंस्टॉल करना होगा। मेटा ने अपने एआई को इन सभी प्लेटफॉर्म पर बेहद खास तरीके से इंटीग्रेट किया है। व्हाट्सएप में यूजर इस एआई से किसी खास एक्टिविटी से जुड़े सुझाव मांग सकते हैं या अपनी नई रोड ट्रिप प्लान करने के बारे में भी सलाह ले सकते हैं।

इमेज और वॉट्सऐप स्टिकर जेनरेट कर सकते हैं
वेब पर मेटा एआई यूजर को मल्टीपल चॉइस टेस्ट बनाने और नया घर सजाने जैसी हर एक्टिविटी में मदद करता है। फेसबुक की बात करें तो यहां आपको फीड में मेटा एआई मिलेगा। इसमें यूजर किसी भी पोस्ट के बारे में ज्यादा डिटेल में जानकारी ले पाएंगे। मेटा एआई की खास बात यह है कि इसका इस्तेमाल इमेज और वॉट्सऐप स्टिकर जेनरेट करने के लिए भी किया जा सकता है। साथ ही इसकी मदद से यूजर पहले कैप्चर की गई किसी भी फोटो को एडिट कर पाएंगे।

टेक्स्ट से रियल टाइम इमेज बनाने का फीचर
मेटा एआई खास इमेजिन फीचर के साथ आता है। यह टाइप किए जा रहे टेक्स्ट की रियल टाइम इमेज बनाता है। मेटा के चीफ एग्जीक्यूटिव मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि मेटा एआई फ्री में इस्तेमाल होने वाला सबसे इंटेलिजेंट एआई है। मेटा एआई का सीधा मुकाबला गूगल के एआई चैटबॉट जेमिनी और चैटजीपीटी से है। कंपनी धीरे-धीरे इस फीचर को रोलआउट कर रही है। आने वाले दिनों में यह सभी डिवाइस तक पहुंच जाएगा।

बड़े पैमाने पर चैटबॉट का परीक्षण
मेटा जेनरेटिव एआई को लीड करने वाले रयान केर्न्स ने बताया कि भारत में परीक्षण के दौरान लाखों लोगों ने मेटा के एआई चैटबॉट को आजमाया। कंपनी को इसके बारे में काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। केर्न्स के अनुसार, टेस्टिंग के दौरान चैटबॉट के लिए जानकारी जुटाना और साथ ही इसकी लर्निंग को बेहतर बनाना बहुत आसान था। एआई चैटबॉट की टेस्टिंग में लर्निंग सपोर्ट के साथ-साथ तथ्य-संबंधी सवाल और क्विज़ भी शामिल थे।

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