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Varanasi  छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में वृद्धि संभव

अगर आप भी बना रहे हैं निवेश की योजना तो ये बैंक एफडी पर दे रहे हैं सबसे ज्यादा ब्याज, यहां जानिए पूरी डिटेल्स

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क  केंद्र सरकार जल्द ही छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकती है. इस संबंध में वित्त मंत्रालय   तक चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (-सितंबर) के लिए ब्याज दरों की समीक्षा करेगा, जिसमें दरें बढ़ाने का फैसला लिया जा सकता है. सरकार ने पिछली तिमाही में ब्याज दरों को यथावत रखा था. माना जा रहा है कि इस बार छोटे निवेशकों को राहत दी जा सकती है.

वर्तमान में सरकार डाकघर बचत, पीपीएफ, सुकन्या, वरिष्ठ नागरिक, राष्ट्रीय बचत पत्र समेत कुल 12 तरह की छोटी बचत योजनाएं चला रही है. इनके जरिए निवेशकों को लंबी अवधि में ज्यादा मुनाफा देने के लिए सरकार हर तीन माह में ब्याज दरों की समीक्षा करने के बाद उन्हें संशोधित करती है. हालांकि, पहली तिमाही (अप्रैल-) के लिए किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया था.

पीपीएफ की दरों में तीन साल से बदलाव नहीं

पीपीएफ दरों में पिछले तीन वर्षों से कोई बदलाव नहीं किया गया. इसमें आखिरी बार अप्रैल- 2020 में बदलाव किया गया था, जब इसे 7.9 फीसदी से घटाकर 7.1 फीसदी कर दिया गया था. कोरोना काल में सरकार ने कई बचत योजनाओं की ब्याज दरों में संशोधन करके उन्हें घटा दिया था. तब से पीपीएफ की ब्याज दर 7.1 फीसदी पर बनी हुई है.

 

 

वाराणसी न्यूज़ डेस्क

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