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Rewari छूट मिलने पर भी बकाया संपत्ति कर जमा नहीं करा रहे लोग
 

Rewari छूट मिलने पर भी बकाया संपत्ति कर जमा नहीं करा रहे लोग


हरियाणा न्यूज़ डेस्क, प्रॉपर्टी आईडी की खामियां और छूट बढ़ने की उम्मीद से लोग अपना बकाया संपत्ति कर जमा नहीं रहे हैं. बीते चार महीने में दो हजार लोग ही संपत्ति कर में ब्याज छूट का लाभ उठा पाए हैं. जबकि वर्ष 2011-12 के बाद का संपत्ति कर के बकायादार करीब 50 हजार लोग हैं.
बकाए संपत्ति कर के ब्याज पर 31 जुलाई-2023 तक करीब 30 फीसदी छूट हैं. इन दिनों सात-आठ लोग ही प्रतिदिन बकाया जमा करवाते हैं. नगर निगम का बकाया संपत्ति कर के रूप में करीब 136 करोड़ से अधिक राजस्व है.
प्रॉपर्टी आईडी में खामियों के कारण जहां आम लोग परेशान हैं, वहीं नगर निगम को भी झटका लगा है.
बीते चार महीने में नगर निगम में संपत्ति कर की वसूली करीब 20 फीसदी कम हुई है. बीते चार महीने में करीब 58 करोड़ रुपये की वसूली हुई है. जबकि बीते पूरे वर्ष की वसूली में भी करीब 14 फीसदी की कमी दर्ज की गई है बीते वर्ष जहां नगर निगम ने करीब 83.14 करोड़ रुपये वसूली की थी, वहीं वर्ष 2021-22 की अपेक्षा वर्ष 2022-23 में 31 मार्च तक करीब 71.88 करोड़ रुपये वसूला गया.
नगर निगम ने वर्ष 2022-23के अंतिम में कर वसूली पर जोर दिया और बड़े बकाएदारों की संपत्तियों को सील भी किया गया. लेकिन प्रॉपर्टीआईडी की खामियों के कारण वसूली नहीं बढ़ सकी. प्रॉपर्टी आईडी की जरुरत संपत्ति की खरीद-फरोख्त करने के लिए पड़ती है. प्रापर्टी आईडी के बगैर रजिस्ट्री नहीं हो सकती. प्रॉपर्टी आईडी में संपत्ति संबंधी सभी जानकारी उपलब्ध होती है. मसलन, संपत्ति मालिक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, संपत्ति का क्षेत्रफल, दिशाओ की जानकारी, गूगल से संपत्ति की स्थिति आदि जानकारी इसमें होती है. संपत्ति कर जमा करने के लिए भी प्रॉपर्टी का पता होना आवश्यक है. जवाहर कॉलोनी निवासी अभिषेक, वनवारी, डबुआ कॉलोनी निवासी चंद्रभान बताते है कि नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी ठीक करवाना टेड़ी खीर है.
शहर में कई लोगों को प्रॉपर्टी आईडी के बारे में पता तक नहीं है. संपत्ति की खरीद-फरोख्त और टैक्स जमा करने के लिए इसकी आवश्यकता होती है.
कई विभागों पर भी बकाया

नगर निगम का संपत्ति कर सरकारी दफ्तरों पर ही करीब 34 करोड़ रुपये बकाया है. जिसे वसूलने का प्रयास नहीं किया गया. नगर निगम का करीब 136 करोड़ रुपये संपत्ति कर बकाया है. कई विभागों पर दो करोड़ रुपये से अधिक बकाया है. प्रॉपर्टी आईडी में खामियों से निगम को झटका लगा है.
प्रॉपर्टी आईडी में खामियां नहीं हो पा रहीं ठीक
बीते वर्ष अक्तूबर के अंत में करीब 5.51 नई प्रॉपर्टी आईडी को एनडीसी पोर्टल पर अपलोड किया गया था. नई प्रॉपर्टी आईडी में संपत्ति का पुराना ब्योरा और पूरा ब्योरा नहीं है. ब्योरा अधूरा और गलत होने के कारण लोग अभी भी परेशान हैं, लोगों को ये ठीक करवाने के लिए पहले आवेदन करना पड़ता हैं और फिर लोग इसके लिए नगर निगम कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर होते हैं. लोग ऐसी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त नहीं कर पा रहे हैं और नगर निगम को संपत्ति कर भी नहीं दे सके हैं. इन प्रॉपर्टी आईडी को ठीक करवाने के लिए लोगों को किसी भी जनसुविधा केंद्र जाकर आवेदन करना पड़ता है.

रेवाड़ी न्यूज़ डेस्क !!!
 

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