Samachar Nama
×

Ranchi नगर निकाय चुनाव की जारी नहीं हुई अधिसूचना, क्यों लटकी अधिसूचना
 

Ranchi नगर निकाय चुनाव की जारी नहीं हुई अधिसूचना, क्यों लटकी अधिसूचना

झारखण्ड न्यूज़ डेस्क, झारखंड में नगर निकाय चुनाव के प्रस्तावित कार्यक्रम को राजभवन से मंजूरी मिलने के बाद  अधिसूचना जारी नहीं हुई. प्रावधान के मुताबिक राजभवन से मंजूरी मिलने के बाद नगर विकास विभाग इसकी अधिसूचना जारी करता और चुनाव कार्यक्रम की जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दिया जाता. फिर चुनाव आयोग चुनावी कार्यक्रम मीडिया के सामने जारी करता, इसके साथ ही नगर निकाय क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो जाती.
19 दिसंबर को नगर निकाय चुनाव की संभावित तारीख भी तय करने की सूचना थी.  को भी अधिसूचना जारी होगी, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गयी है.
चुनावी कार्यक्रम की अधिसूचना जारी नहीं होने के कारण फिलहाल यह मामला कुछ दिनों के लिए टलता दिखाई दे रहा है. नगर विकास विभाग इस मामले में मौन है. राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि सरकार की ओर से उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गयी है. जब तक सरकार से उन्हें जानकारी नहीं मिलेगी, आयोग कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है.

टीएसी की आज बैठक
झारखंड राज्य जनजातीय परामर्शदातृ पर्षद (टीएसी) की  को अचानक बैठक बुलायी गयी है. उम्मीद की जा रही है कि टीएसी की बैठक में यह मामला लाया जा सकता है. टीएसी से इसकी मंजूरी लेकर रांची मेयर के पद को एसटी के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव पारित हो सकता है. अगले 28 नवंबर को कैबिनेट की बैठक बुलायी गयी है. टीएसी के इस प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी लेकर रांची मेयर के पद को एसटी के लिए दुबारा आरक्षित किया जा सकता है. चुनाव आयोग यह आरक्षण रोस्टर दोबारा जारी कर सकता है. हालांकि इस पूरे प्रकरण पर किसी भी अधिकारी ने जानकारी नहीं दी है.
ऐसी चर्चा है कि रांची नगर निगम के मेयर पद के आरक्षण के मामले ने नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना को लटका दिया है. रांची नगर निगम के मेयर के पद को अनुसूचित जाति( एससी) के लिए इस बार आरक्षित कर दिया गया है. इसे लेकर जनजातीय समुदाय ने जोरदार विरोध कर दिया है. मुख्यमंत्री से मिलकर जनजातीय संगठनों के प्रतिनिधि इसका जोरदार विरोध जता दिया है. इनका कहना है कि रांची अनुसूचित क्षेत्र (शिड्यूल एरिया) के अंतर्गत है. इसलिए यहां एकल पद एसटी के लिए आरक्षित रहेगा. यह मामला झारखंड हाईकोर्ट में भी पहुंच चुका है. हालांकि हाईकोर्ट में अभी इससे संबंधित याचिका स्वीकार नहीं हुई है. रांची मेयर का पद अब तक अनुसूचित जनजाति (एसटी) महिला के लिए आरक्षित था. पहली बार इसे एससी के लिए आरक्षित किया गया है.

राँची न्यूज़ डेस्क !!!
 

Share this story