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Patna  कौशल विकास केंद्रों को जनवरी तक लगाना होगा प्रीपेड मीटर, बिजली बिल के आधार पर केंद्रों के खुले रहने की निगरानी भी हो सकेगी
 

Patna  कौशल विकास केंद्रों को जनवरी तक लगाना होगा प्रीपेड मीटर, बिजली बिल के आधार पर केंद्रों के खुले रहने की निगरानी भी हो सकेगी

बिहार न्यूज़ डेस्क श्रम संसाधन विभाग ने कौशल विकास केंद्रों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है. इन केंद्रों की निगरानी अब बिजली खपत के आधार पर की जाएगी. इसके लिए विभाग ने सभी केंद्रों को कहा है कि वह जनवरी 23 तक हर हाल में प्रीपेड मीटर लगवा लें. वहीं, प्रीपेड मीटर लगने तक केंद्रों को बिजली बिल की राशि समायोजित करने के बाद ही अनुदान दिया जाएगा.

अभी कौशल विकास केंद्रों में सामान्य बिजली मीटर लगे हुए हैं. अनुदान लेने के लिए प्राय केंद्र संचालक मीटर खराब कर खपत के आधार पर बिजली बिल दे दिया करते हैं. इससे पता नहीं चल पा रहा है कि केंद्र हर रोज खुल रहे हैं या नहीं. इस कारण प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निगरानी भी सही तरीके से नहीं हो पा रही है. इसे देखते हुए अब श्रम संसाधन विभाग ने तय किया है कि सभी केंद्र अनिवार्य रूप से जनवरी तक प्रीपेड बिजली मीटर लगवाएं. मीटर खराब करने पर बिजली आपूर्ति बंद हो जाएगी. बिजली खपत से यह पता चल जाएगा कि किस महीने केंद्र कितने दिन खुले रहे या बंद रहे. इसके आधार पर इन केंद्रों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जा सकेगी.
इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए बिहार कौशल विकास मिशन के सहायक निदेशक संजय कुमार की ओर से दो आदेश जारी किए गए हैं. एक आदेश में मिशन ने कहा है कि बिजली बिल भुगतान से संबंधित मामलों की जांच प्रत्येक महीने के अंतिम सप्ताह के स्थान पर त्रैमासिक आधार पर की जाएगी. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. वहीं मिशन ने एक अन्य आदेश में सभी कौशल विकास केंद्र के संचालकों को जनवरी तक प्रीपेड बिजली मीटर लगाने को कहा है. दोनों ही निर्णयों पर विभाग के प्रधान सचिव अरविन्द कुमार चौधरी की सहमति प्राप्त है.
15 से 28 वर्ष के युवाओं को मिलता है प्रशिक्षण
गौरतलब है कि कुशल युवा कार्यक्रम श्रम संसाधन विभाग का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है. राज्य के 15 से 28 वर्ष (अनुसूचित जाति/ जनजाति एवं दिव्यांग के लिए अतिरिक्त 5 वर्ष तथा पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के लिए 3 वर्ष अतिरिक्त) के दसवीं उत्तीर्ण युवाओं को संवाद कौशल, हिंदी एवं अंग्रेजी भाषा का ज्ञान, व्यवहार कौशल तथा कम्प्यूटर का मुलभूत प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है. राज्य में 1691 प्रशिक्षण केंद्र संचालित हैं और अब तक 12 लाख 49 हजार 933 युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जबकि 98 हजार 402 युवा प्रशिक्षणरत हैं. 12 लाख 16 हजार 683 युवाओं को प्रमाण पत्र दिया जा चुका है. कुल 240 घंटे के प्रशिक्षण में भाषा (हिन्दी/अंग्रेजी) एवं संवाद कौशल 80 घंटे, बुनियादी कम्प्यूटर ज्ञान 120 घंटे एवं व्यवहार कौशल का प्रशिक्षण 40 घंटे का होता है.


पटना  न्यूज़ डेस्क
 

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