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Patna  जातीय गणना जिन जिलों ने नहीं सौंपी रिपोर्ट, उन्हें 25 तक का वक्त, बिहार में पहली बार सामने आएगी घरों और बसावटों की संख्या, समीक्षा कर रहे अफसर
 

Patna  जातीय गणना जिन जिलों ने नहीं सौंपी रिपोर्ट, उन्हें 25 तक का वक्त, बिहार में पहली बार सामने आएगी घरों और बसावटों की संख्या, समीक्षा कर रहे अफसर


बिहार न्यूज़ डेस्क राज्य में जाति आधारित गणना का पहला चरण पूरा हो गया है, लेकिन पटना, भागलपुर समेत कुछ जिलों की अंतिम रिपोर्ट अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हुई है. सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से जारी आदेश में सभी जिलों के डीएम से भी कहा गया है कि वे एक बार फिर से अपनी रिपोर्ट को परख लें और जिन निकायों में कहीं कुछ गड़बड़ी प्रतित होती है, तो उसे सुधारकर रिपोर्ट भेंजे.

इसकी मुख्य वजह गणना के दौरान कुछ एक इलाकों के घरों और इनमें रहने वाले परिवारों का छूट जाना तथा रिपोर्ट तैयार करने में कुछ गलती होना है. ऐसे सभी जिलों और नगर रिपोर्ट जमा करने की मोहलत दी गयी है. जिन जिलों ने रिपोर्ट जमा कर दी है, सामान्य प्रशासन विभाग में इनकी समीक्षा हो है. इसके बाद समेकित रिपोर्ट जारी की जाएगी.
कार्य में लापरवाही बरतने वालों से शोकॉज की तैयारी
पहले चरण में परिवार के साथ सिर्फ उन्हीं बसावटों की गिनती करनी है, जो रिहायशी या जिनमें लोग रह रहे हैं. व्यावसायिक भवन या शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की गिनती नहीं करनी है. इस कार्य में जिन जिला, प्रखंड या नगर निकायों में गड़बड़ी पायी गयी है या इस कार्य को करने में प्रगणक, चार्ज अधिकारी से लेकर ऊपर तक के जिन्होंने गड़बड़ी या किसी तरह की लापरवाही बरती है, उन्हें शोकॉज किया जायेगा. सामान्य प्रशासन विभाग ऐसे सभी कर्मियों को चिह्नित कर रहा है. जांच करने के बाद इन पर कार्रवाई की जाएगी.
नगर निकाय क्षेत्रों की गणना रिपोर्ट में उतार-चढ़ाव आये सामने
कई जिलों खासकर नगर निकाय क्षेत्रों में मकान और परिवार की गणना के दौरान यह अनुमानित संख्या से काफी पाये गये. विशेषकर पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर समेत कुछ अन्य नगर निकाय क्षेत्रों में इस तरह की गड़बड़ी ज्यादा सामने आयी है. संबंधित जिलों को रिपोर्ट में सुधार कर इसे फिर से तैयार करने की मोहलत दी गयी है.
2.70 करोड़ परिवार का अनुमान
पहला मौका है जब बिहार में घर समेत सभी तरह की बसावट की गिनती हो रही है. रिपोर्ट आने पर स्पष्ट होगा कि यहां कितने रिहायशी मकान, घर, झोपड़ी और ऐसे अन्य बसावट मौजूद हैं. यहां रहने वाले परिवारों की संख्या की जानकारी मिलेगी. पता चलेगा कि कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. अधिकारियों के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार राज्य में दो करोड़ 70 लाख परिवार होने चाहिए. बसावटों की संख्या 1 से 1.10 करोड़ के आसपास होनी चाहिए. हालांकि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.
राज्य में जाति आधारित गणना का पहला चरण पूरा हो गया है, लेकिन पटना, भागलपुर समेत कुछ जिलों की अंतिम रिपोर्ट अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हुई है. सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से जारी आदेश में सभी जिलों के डीएम से भी कहा गया है कि वे एक बार फिर से अपनी रिपोर्ट को परख लें और जिन निकायों में कहीं कुछ गड़बड़ी प्रतित होती है, तो उसे सुधारकर रिपोर्ट भेंजे.
इसकी मुख्य वजह गणना के दौरान कुछ एक इलाकों के घरों और इनमें रहने वाले परिवारों का छूट जाना तथा रिपोर्ट तैयार करने में कुछ गलती होना है. ऐसे सभी जिलों और नगर निकायों को रिपोर्ट जमा करने की मोहलत दी गयी है. जिन जिलों ने रिपोर्ट जमा कर दी है, सामान्य प्रशासन विभाग में इनकी समीक्षा हो है. इसके बाद समेकित रिपोर्ट जारी की जाएगी.


पटना  न्यूज़ डेस्क
 

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