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Noida  मां और नवजात की मौत के बाद अस्पताल में परिजनों का हंगामा

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उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क  नंदग्राम के एक निजी अस्पताल में  तड़के ऑपरेशन के बाद प्रसूता और नवजात बच्चे की मौत हो गई. आरोप है कि प्रसूता की मौत के बाद भी अस्पताल ने उसे वेंटिलेटर पर लिटाए रखा. परिजनों ने शक होने पर शीशा तोड़कर महिला को आईसीयू से निकाला और अस्पताल में जमकर हंगामा किया. परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है.

सिंहानी गांव में नई मस्जिद के पास रहने वाले जीशान घरों में टाइल्स लगाने का काम करते हैं. उनके ढाई साल का एक बेटा है. उनकी 22 वर्षीय पत्नी निशा छह माह की गर्भवती थी.  अचानक निशा को ब्लीडिंग शुरू हो गई. इसके बाद परिजन निशा को लेकर नंदग्राम में बीएस फार्म हाऊस के निकट अस्पताल में दोपहर दो बजे लेकर पहुंचे. अस्पताल ने पुराने बस स्टैंड पर गर्भवती के अल्ट्रासाउंड के लिए भेज दिया.

अल्ट्रासाउंड के बाद परिजन फिर से महिला को लेकर अस्पताल पहुंचे और परिजनों से 25 हजार रुपये जमा करा लिए और अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि गर्भवती का ऑपरेशन करना होगा. स्टाफ ने बताया कि राजनगर से डॉक्टर साहब को बुलाया गया है. उनके आने के बाद ऑपरेशन किया जाएगा. डॉक्टर  रात डेढ़ बजे अस्पताल पहुंचे और ऑपरेशन किया. ऑपरेशन के बाद स्टाफ ने मृत नवजात बेटे को उनके सुपुर्द कर दिया और निशा को आईसीयू में शिफ्ट करके वेंटिलेटर पर रख दिया. ऑपरेशन के बाद किसी परिजन को निशा से नहीं मिलने दिया.  सुबह साढ़े चार बजे शक होने पर जीशान आईसीयू के गेट पर पहुंचा और मरीज को दिखाने की बात कही. लेकिन उसे नहीं जाने दिया. इसके बाद जीशान और परिवार के अन्य लोगों ने शीशा तोड़कर निशा के पास पहुंचे तो महिला मृत मिली. जीशान के साढ़ू वसीम अकरम ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने महिला को वेंटिलेटर पर रखकर बिल बढ़ाया जा रहा था. अस्पताल ने उपचार में बेहद लापरवाही बरती.

इसकी वजह से बच्चे और मां की मौत हुई. इसको लेकर परिजनों ने अस्पताल पर जमकर हंगामा किया. सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया. इस मामले में परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है.

निशा के जीजा वसीम अकरम ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है. वसीम का कहना है कि अस्पताल में जिस समय गर्भवती को लेकर पहुंचे तब कोई बड़ा डॉक्टर मौजूद नहीं था. इसके बाद नौ घंटे तक मरीज को इलाज नहीं मिला. केवल रेजीडेंट डॉक्टर और स्टाफ ही मरीज को डील करते रहे. ऑपरेशन के लिए भी किसी झोलाछाप डॉक्टर को बुलाया गया.

 

 

नोएडा न्यूज़ डेस्क

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