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Muzaffarpur केस दर्ज होने के बाद भी कुढ़नी आया था मनीष, मिली लोकशन

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बिहार न्यूज़ डेस्क  डीबीआर यूनिक नेटवर्किंग कंपनी पर मारपीट और यौन शोषण का केस दर्ज होने के बाद सीएमडी मनीष सिन्हा कई बार मुजफ्फरपुर आया. पांच दिन पहले भी वह मुजफ्फरपुर में था. पुलिस को उसके एक करीबी से यह जानकारी मिली है. पुलिस ने उसका बीते दिनों का मोबाइल लोकेशन लिया तो कुढ़नी में उसके पहुंचने का सुराग मिला.

उस करीबी ने पुलिस को बताया है कि मनीष की कुढ़नी में रिश्तेदारी है. पुलिस ने उसके रिश्तेदार से संपर्क साधा है, ताकि मनीष का लोकेशन मिल सके. हालांकि पुलिस को उसका कोई ठोस सुराग नहीं मिला. उसके जानने वाले लोगों ने मनीष के काठमांडू में होने की बात बताई है. मुजफ्फरपुर के भी कई राजनीतिक दल के नेता भी मनीष के संपर्क में थे. वह पार्टी में ऊंचे पद दिलवाने का भी लोगों को झांसा देता था.

पांच जिलों में सात केस दर्ज होने के बाद भी कंपनी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई. सूत्रों ने बताया कि पुलिस के दलाल के दम और राजनीतिक रसूख से कंपनी का डायरेक्टर मनीष सिन्हा बचता रहा. अब उसके राजनीतिक रसूख के खिलाफ विपक्ष ने मुद्दा बनाया है. इसे विधानसभा से संसद तक उठाये जाने की संभावना है.

फरार आरोपियों के खिलाफ वारंट लेने की तैयारी

डीबीआर यूनिक नेटवर्किंग कंपनी के सीएमडी मनीष सिन्हा को अहियापुर पुलिस अबतक गिरफ्तार नहीं कर सकी है. पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस उसके नेपाल में ठिकाना बना लेने का कयास लगा रही है. गिरफ्तार नहीं होने के सूरत में अहियापुर पुलिस फरार सभी छह आरोपितों के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट की कवायद शुरू कर दी है. इसे लेकर पुलिस कागज तैयार कर रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी वारंट के बाद कुर्की जब्ती की कार्रवाई में पुलिस को सहुलियत होगी.

 

 

मुजफ्फरपुर न्यूज़ डेस्क 

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