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Munger मेंटेनेंस के अभाव में पांच माह से बंद पड़ा है ऑक्सीजन प्लांट, ऑक्सीजन प्लांट बंद रहने से प्रीफैब्रिकेटेड अस्पताल में मरीजों को नहीं मिलेगा ऑक्सीजन
 

Munger मेंटेनेंस के अभाव में पांच माह से बंद पड़ा है ऑक्सीजन प्लांट, ऑक्सीजन प्लांट बंद रहने से प्रीफैब्रिकेटेड अस्पताल में मरीजों को नहीं मिलेगा ऑक्सीजन


बिहार न्यूज़ डेस्क  कोरोना काल में ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए सदर अस्पताल में पीएम केयर फंड 02 करोड़ की राशि से जुलाई 2021 में 01 हजार एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट का ऑनलाइन उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा किया गया था. परंतु उद्घाटन के बाद से ऑक्सीजन प्लांट के मेन्टेनेंन्स के लिए आवंटन का प्रबंध नहीं किये जाने के कारण प्लांट का मेन्टेनेंस नहीं हो पाया.

जिस कारण पिछले पांच माह से ऑक्सीजन प्लांट बंद पड़ा है. यही नहीं ऑक्सीजन प्लांट के लिए 250 केबीए क्षमता का जेनरेटर सेट अलग से लगाया गया था. जेनरेटर सेट में प्रति घंटा 15 से 20 लीटर डीजल की खपत है. लेकिन जेनरेटर सेट के लिए भी आवंटन का प्रावधान नहीं किया गया. मेन्टेनेन्स नहीं होने के कारण 24 अप्रैल 2023 से ऑक्सीजन प्लांट तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ा है. ऑक्सीजन प्लांट की देखरेख करने वाले तकनीशियन के अनुसार कम्प्रेशर का सर्विसिंग के अलावा कई अन्य तकनीकी खराबी के कारण प्लांट बंद पड़ा है. पूर्व में लाइट कटने पर जेनरेटर सेट से प्लांट चलाया जाता था. परंतु डीजल के लिए आवंटन नहीं रहने के कारण यह प्लांट बिजली पर ही चलाया जाता है. 
प्रीफैब्रिकेटेड वार्ड में मरीजों को कैसे मिलेगी ऑक्सीजन सुविधा डेंगू के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए सदर अस्पताल के स्पेशल डेंगू वार्ड को प्रीफैब्रिकेटेड अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है. फैब्रिकेटेड अस्पताल में सभी बेड पर पाइप लाइन से ऑक्सीजन आपूर्ति का प्रबंध किया गया है.
लेकिन ऑक्सीजन प्लांट से पाइप लाइन कनेक्ट नहीं हो पाया है. दूसरी ओर पांच माह से ऑक्सीजन प्लांट बंद है. ऐसे में फैब्रिकेटेड अस्पताल में फिलहाल मरीजों को ऑक्सीजन की सुविधा नहीं मिल पाएगी.

मुंगेर न्यूज़ डेस्क
 

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