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Motihari शिकंजा फर्जी सर्टिफिकेट पर चयनित19 अभ्यर्थी चिह्नित

Indore देवी अहिल्या हॉस्पिटल मैनेजर हरदिया के खिलाफ एफआईआर

बिहार न्यूज़ डेस्क  ग्रामीण डाक सेवक पद पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र पर बहाल होने वाले 19 अभ्यर्थी चिह्नित किये गये है. सभी पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरु कर दी गयी है.

गोविन्दगंज व तुरकौलिया थाने में तीन अभ्यर्थियों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है. चम्पारण प्रमंडल के डाक अधीक्षक डॉ आदित्य आशुतोष का कहना है कि जम्बू कश्मीर बोर्ड व कोलकता बोर्ड का प्रमाण पत्र बहाली में दाखिल किया गया था. बोर्ड से जब सत्यापन कराया गया तो 19 शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी पाये गये. संबंधित चार डाक निरीक्षक को अभ्यर्थियों की सूची भेजकर लोकल थाने में एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है. पिछले वर्ष ग्रामीण डाक सेवक पद के लिये सौ अभ्यर्थियों को बहाल किया गया था. अभी 10 अभ्यर्थियों का शैक्षणिक प्रमाण पत्र सत्यापन कराना बाकी है. उसमें भी फर्जीवाड़ा का मामला सामने आ सकता है.

12 अभ्यथियों का सत्यापन होना है बाकी दस अभ्यर्थियों का शैक्षणिक प्रमाण पत्र का सत्यापन होना बाकी है. सत्यापन के बाद हो सकता है इन सभी का भी शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी हो सकता है. उन अभ्यर्थियों में रविरंजन कुमार, गजल प्रवीण, परवीन नाज, दिलीप पासवान, विकाश कुमार पाण्डेय, राजू पंडित, शिखा कुमारी, मुरारी कुमार, रवि किशोर कुमार, समीना खातून, राजेश कुमार तिवारी व अजीत कुमार का शैक्षणिक प्रमाण का सत्यापन होना बाकी है. यह सभी जम्बू बोर्ड से निर्गत है.

पूर्व में एक अभ्यर्थी जा चुका है जेल ग्रामीण डाक सेवक पद पर पिछले वर्ष बहाली के दौरान लोकल स्तर पर शैक्षणिक प्रमाण पत्र की जांच की गयी तो एक फर्जी प्रमाण पत्र वाले अभ्यर्थी पकड़ा गया था. जिसका नाम रविरंजन कुमार है जो पश्चिम चम्पारण जिले के श्यामपुर कोतराहा वार्ड दो का निवासी था. 13 अप्रैल 2023 को उसके खिलाफ नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गयी. पुलिस उसी दिन उसे न्यायिक हिरासत भेज दिया था. बिहार बोर्ड का उसके पास दो सर्टिफिकेट था जिसमें एक में 99 प्रतिशत तो दूसरे पर 98 प्रतिशत अंक था.

ग्रामीण डाक सेवक पद के सौ सीटो पर हुई थी बहाली  2023 में ग्रामीण डाक सेवक के सौ सीटों पर बहाली निकाली गयी थी. काफी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुये थे जिसमें सौ का चयन किया गया. 20 सितम्बर 23 को डाक विभाग की ओर से चयनित अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र सत्यापन के लिये जम्बू बोर्ड व कोलकता बोर्ड भेजा गया. सत्यापन के दौरान यह पता चला कि संबंधित बोर्ड से वह सर्टिफिकेट निर्गत ही नहीं हुआ था. उसके बाद चिन्हित अभ्यर्थियों पर एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरु कर दी गयी है.

 

मोतिहारी  न्यूज़ डेस्क

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