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Meerut  हड़कंप मेडिकल कॉलेज में लाखों रुपये का गबन

Buxar बैंक के अधिकारी ने ग्राहकों के 1.80 लाख गबन किए

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क  एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में दो वार्ड ब्वॉय ने मिलकर लाखों रुपये का गबन कर लिया. इन्होंने यूजर चार्ज और मरीजों की भर्ती फाइल बनाने के लिए लिया जाने वाला शुल्क वसूलकर अपनी जेब में रख लिया. एक ने करीब 12 लाख तो दूसरे ने करीब छह लाख रुपये का गबन किया. इसका पता लगने के बाद से कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मचा है. दोनों को कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन अभी सरकारी धन जमा नहीं हो सका है. अब अस्पताल प्रशासन दोनों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है.

मेडिकल अस्पताल में अखिलेश वर्मा वार्ड ब्वॉय पद पर तैनात है. उसकी ड्यूटी इमरजेंसी में है. जहां वह मरीजों के भर्ती की फाइल तैयार करता है. भर्ती होने पर प्रति मरीज 35 रुपये फाइल चार्ज लिया जाता है. अखिलेश जनवरी 2021 से इस पटल पर तैनात है. बताया जा रहा है इस दौरान करीब 12 लाख रुपये वसूला लेकिन कॉलेज में जमा नहीं किया. इस दौरान अखिलेश को कई बार नोटिस जारी किया गया लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया. अब इतनी बड़ी धनराशि के गबन का मामला संज्ञान में आने पर हड़कंप मच गया. इसी तरह वार्ड ब्वॉय सनी का काम खून व अन्य विभिन्न जांच को लिए जाने वाले यूजर चार्ज के कलेक्शन का है. उसने भी करीब एक साल का छह लाख 20 हजार रुपया कॉलेज में जमा नहीं किया. 19 जनवरी को नोटिस जारी हुआ तो उसने पांच लाख रुपये जमा कर दिए. शेष एक लाख 20 हजार रुपया अभी बाकी है.

यह है नियम

नियमानुसार जांच व फाइल के नाम पर जो भी चार्ज लिया जाता है, कलेक्शन काउंटर पर बैठे व्यक्ति को हर दिन उसे यूजर चार्ज कलेक्शन इंचार्ज भगीराम के पास जमा करना होता है. भगीराम इस पैसे को अकाउंट विभाग में जमा करते हैं. जहां से ये धनराशि चालान के जरिए ट्रेजेरी में जमा की जाती है. पीएमवाईएस की धनराशि केनरा बैंक में और यूजर चार्ज की धनराशि को कैंट स्थित स्टेट बैंक में जमा किया जाता है.

हर हाल में होगी वसूली

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धीरज बालियान का कहना है कि नोटिस जारी किया है. सनी ने नोटिस देने के बाद पांच लाख रुपया जमा कर दिया है. शेष धनराशि भी जल्द जमा करने की बात कही है. अखिलेश को भी पूरी धनराशि जमा करनी होगी. नहीं करने पर निलंबन और अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

कॉलेज नहीं कर सकता खर्च

यूजर चार्ज के रूप में वसूला गया धन सरकारी होता है. कॉलेज प्रबंधन इसे अपने खर्च के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकता. ऐसे में वार्ड ब्वॉय ने इतनी बड़ी धनराशि को क्यों जमा नहीं की, इसका जवाब किसी के पास नहीं है.

 

 

मेरठ न्यूज़ डेस्क

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