Samachar Nama
×

Lucknow  कैसरबाग बस अड्डा संवारेगी निजी कंपनी, 700 बसें शिफ्ट नहीं हो सकीं

Udaipur  सिटी ट्रांसपोर्ट होगा मजबूत:35 नई बसें मिलेंगी, अभी 26, तीन माह बाद 61 चलेंगी

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क  प्रदेश का सबसे पुराना कैसरबाग बस अड्डा निजी हाथों में जाएगा. इसको यात्री सुविधाओं से लैस किया जाएगा. पीपीपी मॉडल पर काम के लिए कंपनी को आमंत्रित करने के लिए जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे. समूचा बस अड्डा तीन हिस्सों में बनेगा. पहले हिस्से में मुख्य द्वार से बसों का संचालन होगा. दूसरे हिस्से में नीचे पार्किंग बनेगी. तीसरे हिस्से में सबसे ऊपर शॉपिंग मॉल और बस अड़्डे का कार्यालय होगा.

अभी तक लखनऊ में आलमबाग बस टर्मिनल को निजी कंपनी ने 200 करोड़ से विकसित किया है. इसके बाद गोमतीनगर के विभूतिखंड में रोडवेज बसों की कार्यशाला, चारबाग बस अड्डा और अमौसी बसों की कार्यशाला भी निजी कंपनी से विकसित होगी.

जानकीपुरम बस अड्डे पर पेंच : 2017 में जानकीपुरम बस अड्डे की जमीन एलडीए से खरीदी गई. सात वर्ष बीतने के बाद स्थिति जस की तस है. बस अड्डा पीपीपी मॉडल पर बनेगा या रोडवेज इंजीनियरिंग शाखा खुद विकसित करेगी, इसे लेकर पेच फंस गया है.

700 बसें शिफ्ट नहीं हो सकीं

कैसरबाग बस अड्डे से संचालित होने वाली 700 बसों को जानकीपुरम में शिफ्ट करने की कवायद धूमिल हो गई. ऐसे में कैसरबाग को रोडवेज बसों से जाम मुक्त बनाने की दिशा में दो वर्ष से किए जा रहे सभी प्रयास फेल हो गए.

मुख्यालय स्तर पर फैसला

क्षेत्रीय प्रबंधक आरके त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश भर के बस अड्डे किस मॉडल पर हाईटेक बनेंगे, इसके फैसले मुख्यालय स्तर पर लिए जा रहे. चारबाग, रायबरेली, हैदरगढ़ आदि को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने को चिह्नित किया है.

 

 

लखनऊ न्यूज़ डेस्क

Share this story

Tags