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Katihar एक डॉक्टर पर चार पीएचसी की जिम्मेदारी, निगम क्षेत्र में 50 हजार की आबादी पर एक शहरी पीएचसी, रोगियों को नहीं मिल पा रहा सही इलाज
 

Katihar एक डॉक्टर पर चार पीएचसी की जिम्मेदारी, निगम क्षेत्र में 50 हजार की आबादी पर एक शहरी पीएचसी, रोगियों को नहीं मिल पा रहा सही इलाज


बिहार न्यूज़ डेस्क  नगर निगम के स्लम क्षेत्र के आम लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से 4 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना किया गया. मगर चिकित्सकों की कमी के कारण इन दिनों एक चिकित्सक के कंधे पर चार शहरी पीएचसी क्षेत्र के लोगों को स्वस्थ्य रखने की जिम्मेदारी है. चार पीएचसी में 8 चिकित्सकों की स्वीकृत पदों में से मात्र एक पद पर ही चिकित्सक कार्यरत है.

इन चिकित्सक को भी बरारी रेफरल अस्पताल से हटाकर उन्हें प्रतिनियुक्त किया गया है. मानव संसाधान के अभाव में अत्याधुनिक उपकरण और भवन का समुचित लाभ शहर के रोगियों नहीं मिल पा रहा है. शहरी पीएचसी की स्थापना होने के बावजूद संबंधित वार्डो के रोगियों को इलाज कराने के लिए सदर अस्पताल और निजी नर्सिंग होम और निजी क्लिनिक पर निर्भर रहना पड़ता है.
इससे आम लोगों को मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है. शहर में चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्थापित किया गया है. जिसमें ताजगंज फसिया, रामनगर हुसैनाबाद, शरीफगंज और बघवाबाड़ी में शहरी पीएचसी कार्यरत है. इन सभी पीएचसी के पास अपना भवन और उपकरण है लेकिन चिकित्सक नहीं है.
स्वीकृत पदों के तुलना में मानव संसाधन की कमी चार शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक के 8, एएनएम के 20, फार्मासिस्ट के 4,डाटा ऑपरेटर के चार, लैब टैक्निशियन के चार, लेखा प्रबंधक के चार, नाइट गार्ड के चार और चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के चार पद स्वीकृत है. जिसमें एक चिकित्सक, 9 एएनएम और एक चतुर्थ वर्गीय कर्मी कार्यरत है. शेष पद खाली है.
एलटी के भरोसे होती है पैथोलॉजिकल जांच सभी शहरी पीएचसी में एलटी कार्यरत है. इन्हीं के भरोसे ब्लड, यूरिन, स्टूल, कॉलेस्ट्रोल, ब्लड सुगर,ब्लड यूरिया समेत 15 प्रकार की जांच की व्यवस्था है लेकिन चिकित्सक के अभाव में जांच कराने के लिए लोगों निजी जांच घर पर ही निर्भर करते हैं. हालांकि चिकित्सक का दावा है कि जांच की व्यवस्था बेहतर है.

कटिहार न्यूज़ डेस्क
 

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