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Kanpur  शिक्षिका के 36 लाख कोषागार में लौट आए, 48 घंटे में शिक्षिका के खाते में पहुंच जाएगा पीएफ का पैसा
 

Kanpur  शिक्षिका के 36 लाख कोषागार में लौट आए, 48 घंटे में शिक्षिका के खाते में पहुंच जाएगा पीएफ का पैसा


उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क  ज्ञान भारती बालिका इंटर कॉलेज की सेवानिवृत्त शिक्षिका निर्मला यादव के जीपीएफ की 36 लाख रुपये की राशि कोषागार के माध्यम से उस खाते में लौट आई है जहां से इसे भेजा गया था. शिक्षिका का दूसरा टोकन भी जनरेट कर दिया गया है. अब 48 घंटों के अंदर शिक्षिका की धनराशि उनके खाते में पहुंच जाएगी.

जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. फतेह बहादुर सिंह ने बताया कि शिक्षिका की जो धनराशि गलत खाते में चली गई थी वह अब मूल खाते में वापस आ गई है. इसके बाद प्रक्रिया के तहत दोबारा कोषागार के लिए टोकन जनरेट कर दिया गया है. इसके लगाने के बाद धनराशि शिक्षिका के खाते में चली जाएगी. 48 घंटे में शेष प्रक्रिया पूरी हो जाने की संभावना है. इसके लिए हर स्तर पर प्रयास किए गए हैं.
पेंशन की प्रक्रिया में भी लूपहोल रिटायरमेंट के बाद पेंशन की प्रक्रिया भी फूलप्रूफ नहीं है. विभाग इस बात को लेकर स्पष्ट नहीं है कि निर्धारित प्रक्रिया किस स्तर पर तैयार की गई है. पेंशन के लिए तीन सेट तैयार किए जाते हैं और तीनों मूल होते हैं. न तो एक प्रति की फोटो प्रति कर उसे सत्यापित किया जाता है और न ही कार्बन कॉपी बनाकर तीन प्रतियां बनाई जाती हैं. तीनों मूल बनाकर तीनों में शिक्षक का खेल बिगाड़ने के लिए अक्सर लिपिक वर्ग अलग-अलग जानकारियां भर देते हैं. विद्यालय की प्रति सही दिखा दी जाती है और शेष प्रति में गड़बड़ी कर दी जाती है. इससे शिक्षक या शिक्षिका महीनों परेशान घूमते हैं. फिर इसका हल निकाला जाता है. इसी तरह जीपीएफ की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर और किसी भी कागज पर आवेदनकर्ता का एकाउंट नंबर नहीं लिखा जाता है. केवल पासबुक की फोटो प्रति जो संलग्नक के रूप में होती है उसी के आधार पर लाखों की धनराशि ट्रांसफर की जाती है.


कानपूर न्यूज़ डेस्क
 

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