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Kanpur  डिजिटल अरेस्ट कर बिठूर के युवक से ठगे नौ लाख

Faridabad मुनाफे का लालच देकर डॉक्टर से ठगे 33 लाख, बिल्डर के खिलाफ भी दर्ज हुआ मुकदमा

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क   साइबर ठगों ने बिठूर के एक युवक को डराकर सात दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा. इस दौरान उससे नौ लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए. पीड़ित को जब तक समझ आया आरोपितों ने उससे सम्पर्क तोड़ लिया. पीड़ित ने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है. पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है.

मोहम्मदपुर बिठूर निवासी सुनील कुमार द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक 6  2024 को एक कॉल आई. जिसमें उन्हें जानकारी दी गई कि ताइवान जाने वाले एक पार्सल में पांच पासपोर्ट और ड्रग्स मिले हैं. इस पार्सल में सुनील कुमार का आधार लगा है. कॉल करने वाले ने मुंबई साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा और कॉल 974..40 नम्बर पर ट्रांसफर कर दी.

मुंबई साइबर सेल का अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने सुनील को सात दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा. स्काइप और व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल के जरिए उससे पूछताछ की गई. इसके बाद अचानक कॉल करने वाले ने कहा कि सुनील मनी लांड्रिंग कर रहे हैं. उससे संबंधित एक फर्जी एफआईआर और आऱबीआई के फर्जी लेटर की कॉपी भी पीड़ित को व्हाट्सएप कर दी गई. कॉल करने वाले ने उससे यह भी कहा कि जांच के लिए सुनील को अपने खाते में जमा रकम उनके पास जमा करानी होगी. भय में आकर सुनील ने बताए गए आईसीआईसीआई, इंडिसिंड और एचडीएफसी के खाते में 9 लाख रुपये जमा करा दिए. उसके बाद आरोपितों ने सम्पर्क तोड़ लिया. तब उसे धोखाधड़ी का एहसास हुआ. साइबर थाना इंस्पेक्टर हरमीत सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है. जिन खातों में रुपये भेजे गए हैं. उनकी डिटेल निकलवाई जा रही है. जल्द मामले में कार्रवाई की जाएगी.

पूर्व डीजीपी के रिश्तेदार भी हुए थे शिकार

एम ब्लॉक किदवई नगर निवासी पूर्व डीजीपी के रिश्तेदार को भी 17 नवम्बर 2023 को ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर .60 लाख ठगे थे. हालांकि क्राइम ब्रांच उनके  लाख रुपए वापस करा चुकी है. 1  2024 को एक बड़ी कम्पनी में काम करने वाले गौरी शंकर को डिजिटल अरेस्ट कर ठगा गया था.

जानें डिजिटल अरेस्ट

काफी देर तक शातिर पीड़ित को ऑनलाइन बंधक बनाकर अपने काबू में रखते हैं. डर के मारे व्यक्ति वही करता है जो साइबर क्रिमिनल उसे निर्देश देते हैं. यही डिजिटल अरेस्ट कहलाता है, जिसमें अपने घर में होने के बावजूद भी व्यक्ति मानसिक और डिजिटल रूप में किसी अन्य के काबू में होता है.

 

 

कानपूर न्यूज़ डेस्क

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