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Jhansi  टेंडर प्रक्रिया में जब्त होगी 10 प्रतिशत सिक्योरिटी मनी

Indore संजीवनी क्लीनिक का काम शुरू नहीं करने पर टेंडर होगा निरस्त, निगमायुक्त ने ली समीक्षा बैठक

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क   नगर निगम के विकास कार्यो की टेण्डर प्रक्रिया में ठेकेदारों के शातिराना अंदाज से पहुंचाई जा रही राजस्व क्षति पर नगर निगम ने पाबंदी लगा दी है. नगर आयुक्त ने आदेश जारी कर दिए है कि टेण्डर खुलने के बाद जो भी ठेकेदार स्वेच्छा से काम करने से नाम पीछे खींचता है, तो ऐसे ठेकेदार की सिक्योरिटी मनी का 10 प्रतिशत रुपया काटा जा जाएगा. नगर निगम ने अब जो भी टेण्डर निकाले जाएंगे, उसमें इस शर्त को जोड़ा जाएगा. इससे पिछले काफी दिनों से चल रहे ठेकेदारों के खेल पर पाबंदी लगेगी. वहीं नगर निगम को राजस्व लाभ पहुंचेगा. गौरतलब है कि चुनिंदा ठेकेदार के पक्ष में तीन ठेकेदार टेण्डर प्रक्रिया में भाग लेकर टेण्डर खुलने पर कोई न कोई बहाना बनाकर नाम वापस ले लेते थे. साथ में वह सिक्योरिटी मनी वापस करने की मांग कर नगर निगम को क्षति पहुंचा रहे.

नगर निगम में 10 करोड़ की लागत से डाली जा रही आईकोनिक रोड में तीन टेण्डर डाले गए थे. तीन टेण्डर खुलने के बाद एक कद्दावर नेता पूरा काम परिचित ठेकेदार को देने के कारण उक्त टेण्डर प्रक्रिया में भाग लेने वाले अन्य दो ठेकेदारों ने स्वेच्छा से काम ना करने की बात कहकर उन्हे टेण्डर प्रक्रिया से बाहर करने का षड़यंत्र रचा.

 

जीएसटी न भरने वाले 10 व्यापारी रडार पर

मण्डल के सात जिलों में करीब 10 व्यापारियों ने पिछले तीन माह में जीरो अर्निंग दर्शाकर जीएसटी नहीं भरा. एडीशनल कमिश्नर ग्रेड-1 धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने ऐसे सभी व्यापारियों को रडार पर लेकर जीएसटी टीम को जांच के आदेश जारी कर दिए है. वाणिज्यकर विभाग में जीएसटी को लेकर की जा रही मॉनीटरिंग के दौरान समाधान योजना के सात जिलों में 10 व्यापारी ऐसे हैं, जिन्होंने पिछले तीन माह में एक भी रुपया की अर्निंग नहीं दिखाई. जीएसटी भरने पर ऐसे व्यापारियों ने शून्य अर्निंग दिखाकर जीएसटी जमा नहीं कराई. बड़े पैमाने पर व्यापारियों के अर्निंग न दर्शाने पर वाणिज्य कर विभाग के एडीशनल कमिश्नर ग्रेड-1 धीरेन्द्र ने संज्ञान लेते हुए इसकी जांच के आदेश ज्वाइंट कमिश्नगर कार्यपालक को दिए है. एडीशन कमिश्नर ग्रेड-1 की माने तो उक्त सभी व्यापारियों की जांच के बाद गड़बड़ी करने वाले व्यापारियों पर जीएसटी तय किया जाएगा. जितना निकलेगा, उसके साक्षेप जुर्माना व तीन माह ब्याज सहित वसूली की जाएगी.

 

झाँसी  न्यूज़ डेस्क

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