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Jamshedpur के पानी में मिला सर्वाधिक आयरन, बागबेड़ा, आदित्यपुर, साकची और कदमा में सर्वाधिक लौहतत्व
 

Shimla शहर में दो दिन पानी की किल्लत रहेगी


झारखण्ड न्यूज़ डेस्क, शहर और आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों के कम उम्र में बाल सफेद होने और झड़ने लगे है. स्कीन के डॉक्टरों के पास इस बीमारी के मरीजों की लाइन लगी है. इसका कारण जमशेदपुर और आसपास में पानी में 8 गुना ज्यादा आयरन है.
इसका खुलासा केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट 2022 में हुआ है. एक स्वयंसेवी संगठन नेचर ने शहर के विभिन्न इलाके के पानी के नमूने को जांच के लिए भेजा था. रिपोर्ट के मुताबिक बागबेड़ा, आदित्यपुर, साकची और कदमा में सर्वाधिक आयरन की मात्रा है. कंपनी इलाके में पानी सप्लाई की सुविधा हैं, जहां तय मानक से चार गुना अधिक है. बिष्टूपुर इलाके के पानी की गुणवत्ता तुलनात्मक रूप से बेहतर है लेकिन यहां भी तय मानक से ज्यादा आयरन है.
आयरन की मात्रा से होती है ये बीमारी त्वचा, किडनी, कब्ज, गैस व समय से बाल झड़ने की बीमारी अधिक होती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के तय मानक के अनुसार मिश्रण का अनुपात 1 लीटर पानी में सामान्य तौर पर आयरन की मात्रा 0.3 मिली और क्लोरीन की 0.2 मिली होनी चाहिए. मानक के अनुसार टीडीएस की मात्रा 100 से 300 पीपीएम तक ठीक मानी जाती है.
क्षेत्र टीडीएस आयरन क्लोरिन

बागबेड़ा 900 2.5 2.1 बर्मामाइंस 800 1.70 2.50
बिष्टूपुर 500 1.30 1.28
आदित्यपुर 900 1.80 2.0
गोलमुरी 60 1.65 1.85
साकची 800 1.75 1.96
पानी में आयरन की मात्रा अधिक होने से शहरवासियों के बाल असमय सफेद हो रहे हैं और झड़ रहे हैं. इस समस्या की शिकायत लेकर रोजाना 20-25 लोग आते हैं. आयरन की वजह से लोगों में पेट संबंधी दिक्कत भी अधिक देखी जा रही है. इसे लेकर लोगों को सतर्क रहना चाहिए.
-डॉ. एसके मिश्रा, चर्म रोग विशेषज्ञ

जमशेदपुर न्यूज़ डेस्क !!!
 

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