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Indore जनसुनवाई : कलेक्टर ने फोन करके जिम्मेदार अफसरों को किया तलब, हाथों-हाथ बात करके समस्या हल की
 

Indore जनसुनवाई : कलेक्टर ने फोन करके जिम्मेदार अफसरों को किया तलब, हाथों-हाथ बात करके समस्या हल की

मध्यप्रदेश न्यूज़ डेस्क, कलेक्टोरेट जनसुनवाई में  कलेक्टर के तीखे तेवर नजर आए. विभिन्न विभागों से सहायक अधिकारियों को देख विभागाध्यक्षों को फोन लगा कर फटकार लगाई और अगली बार खुद को मौजूद रहने के लिए कहा. एक महिला और उसकी छोटी बच्ची का बीपीएल कार्ड बनाने में आनाकानी करने पर रीडर को फटकार लगाई. अफसरों से कहा कि शाम तक बीपीएल कार्ड बन जाना चाहिए.

 जनसुनवाई में नवागत कलेक्टर डॉ. इलैया राजा टी ने सुनवाई की. इस दौरान उन्होंने आवेदकों को तत्काल राहत देने के निर्देश दिए. जो मामले सुनवाई योग्य नहीं थे, उन्हें संबंधित विभाग में जाने के लिए कहा. सुबह 11 बजे शुरू हुई सुनवाई 3.15 बजे तक चलती रही. इसके बाद कलेक्टर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में जाने के लिए निकले.  400 से ज्यादा नागरिक समस्याएं लेकर पहुंचे थे. ज्यादातर समस्याएं छोटी-छोटी परेशानियों की थी.
कॉलेज से दिलवाई फीस : कुछ छात्रों की शिकायत थी कि सीयूईटी के जरिए उनका प्रवेश अन्य कॉलेज में हो गया. अब कॉलेज उनकी फीस वापस नहीं कर रहा है. कलेक्टर ने प्राचार्य को फोन लगा कर यूजीसी के सर्कुलर के आधार पर फीस वापस करने के लिए कहा. आनाकानी करने पर फटकार लगाई, सर्कुलर की प्रति भेजी. तब छात्रों को एक बजे कॉलेज बुलाया. फीस वापस करवाने के लिए आवेदन लेकर आए आईटीआई कर रहे छात्र को समझाते हुए कहा, फीस की दिक्कत है तो मैं भर दूंगा. तुम कोर्स पूरा कर लो. विचार करके अगले गुरुवार आना.
तत्काल दिलाई राहत
एक महिला अपनी चार साल की बेटी को लेकर पहुंची. उसने बताया कि किराए के मकान में रहती है. विधवा पेंशन मिल रही है. बीपीएल कार्ड मिल जाएगा तो अनाज भी मिलने लगेगा. अधिकारियों ने फार्म रिजेक्ट कर दिया. उन्होंने एसडीएम के रीडर, खाद्य विभाग के अधिकारी को बुला कर कहा कि इसका नहीं तो किसका बीपीएल कार्ड बनाएंगे. शाम तक कार्ड और पटवारी की पुरानी रिपोर्ट लेकर आएं. इसी तरह दिव्यांग जानकी बाई जनसुनवाई में पहुंची थी. उसने बताया कि पति मजदूरी करता है. वह खुद अपना काम करना चाहती है. कॉलोनी में फल बेचती हूं. साइकिल से दिक्कत आती है. यदि स्कूटी मिल जाए तो अच्छा रहेगा.

इंदौर न्यूज़ डेस्क !!!
 

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