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Gurgaon मजदूर के नाम से फर्जी खाता खुलवाकर हड़पी मुआवजे की रकम
 

Gurgaon मजदूर के नाम से फर्जी खाता खुलवाकर हड़पी मुआवजे की रकम


हरियाणा न्यूज़ डेस्क, तुस्याना भूमि घोटाले में आरोपियों ने पूरी साजिश के तहत एक के बाद एक फर्जीवाड़ा किया. प्राधिकरण से मिले मुआवजे की रकम को हड़पने के लिए पूर्व प्रधान ने गुड्डी नाम की एक महिला का फर्जी खाता खुलवाया था. बैंक में उसके आईडी प्रूफ के रूप में जमा किया गया राशन कार्ड फर्जी पाया गया. खाता खुलवाने के समय पूर्व प्रधान राजेंद्र और रजनी नाम की एक महिला गारंटर बने थे. आरोपियों ने मधु के खाते में आए मुआवजे के पैसे को गुड्डी नाम की महिला के फर्जी खाते में ट्रांसफर कर उसे निकाल लिया था.
एसआईटी की जांच में पता चला है कि प्राधिकरण के अधिकारियों की मिलीभगत से मुआवजे के पैसे को हड़पने के लिए योजना तैयार की थी. इसके लिए बाकायदा बैंक में एक फर्जी खाता खुलवाया गया. पूर्व प्रधान राजेंद्र ने गुड्डी नाम की एक महिला का फर्जी राशन कार्ड बनवाकर बैंक में खाता खुलवाया था. प्राधिकरण द्वारा दिए गए मुआवजे की रकम पहले मधु के खाते में आई थी. जिसके बाद इस पैसे को गुड्डी के खाते में ट्रांसफर किया गया था.
एसआईटी मामले की तह तक पहुंची

एसआईटी की टीम घोटाले का खुलासा करने के लिए मामले की तह तक पहुंची है. एडीसीपी क्राइम अनिल कुमार यादव ने बताया कि बैंक में लगाए गए राशन कार्ड की जांच करवाई गई. पहले इसे प्रधान से वेरीफाई करवाया गया. लेकिन ग्राम प्रधान ने साफ इनकार किया है कि उन्होंने किसी गुड्डी नाम की महिला का कोई राशन कार्ड नहीं बनाया था. जिसके बाद एसआईटी की टीम जिला पूर्ति अधिकारी यहां पहुंची. जिला पूर्ति अधिकारी ने राशन कार्ड की जांच करवाई तो राशन कार्ड फर्जी पाया गया. जिला पूर्ति अधिकारी ने भी राशन कार्ड के फर्जी होने की पुष्टि की है.
राजेंद्र ने ऐसे फायदा उठाया
पूर्व प्रधान राजेंद्र ने अपने प्रधानी के रसूख के चलते पहले प्राधिकरण में पकड़ बनाई. राजेंद्र को राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया पता थी. जिसके चलते उसने ईंट भट्टे पर काम करने वाली किसी गुड्डी नाम की महिला का फर्जी राशन कार्ड तैयार किया और बैंक में खाता भी खुलवा दिया.
मुख्य आरोपी की तलाश जारी
घोटाले के मुख्य आरोपी राजेंद्र की तलाश में लगातार दबिश दे रही है. पुलिस जल्द से जल्द मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर इस घोटाले से जुड़े और राज सामने लाने का प्रयास कर रही है. राजेंद्र की गिरफ्तारी को लेकर अधिकारियों और घोटाले में शामिल अन्य आरोपियों की नींद उड़ी हुई है.
प्राधिकरण से वर्ष 2007-08 में मिला था मुआवजा
तुस्याना की खसरा संख्या 1104 की 20 बीघा जमीन का मुआवजा 2007-8 में दिया गया था. इस दौरान मधु के खाते में भेजी गई रकम को निकालने के लिए पूर्व प्रधान राजेंद्र ने फर्जीवाड़े का खेल किया था. राजेंद्र के बेटे दीपक की पत्नी का नाम भी मधु है जिसके चलते मधु के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया. राजेंद्र द्वारा मधु के खाते में भेजी गई रकम को तुरंत गुड्डी के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया था.

गुडगाँव न्यूज़ डेस्क !!!
 

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