Samachar Nama
×

Faridabad अरावली में भूमाफिया ने बसा दीं अवैध कॉलोनी, धार्मिक स्थल को ढाल बनाकर हो रहा कब्जा 
 

Faridabad अरावली में भूमाफिया ने बसा दीं अवैध कॉलोनी, धार्मिक स्थल को ढाल बनाकर हो रहा कब्जा 

हरियाणा न्यूज़ डेस्क,  हरियाणा सरकार की तरफ से एनजीटी में दिए हलफनामे में करीब 1300 हेक्टेयर जमीन अभी तक कब्जा और अतिक्रमण मुक्त नहीं हो पाई है. आलम यह है कि अतिक्रमण, कब्जा का सिलसिला अभी भी जारी है. इसकी वजह से एनसीआर के फेफड़े कही जाने वाली अरावली के खत्म होने का खतरा बढ़ता जा रहा है.

पिछले वर्ष खोरी गांव में हुई तोड़फोड़ के बाद भूमाफिया ने अरावली पर कब्जा करने के लिए धार्मिक स्थल को ढाल बनाना शुरू कर दिया है. इसकी आड़ में भूमाफिया बे़खौ़फ होकर अरावली को छलनी कर रहा है. सूरजकुंड रोड और पाली क्रेसर रोड पर यह खेल खूब खेला जा रहा है. यहां पिछले एक वर्ष में अनेक धार्मिक स्थल मुख्य रोड के साथ बना दिए गए है. जहां लोगों की भीड़ लगी रहती है. सरेआम हो रहे इस निर्माण को लेकर वन विभाग सहित अन्य जिम्मेदार सरकारी महकमों के अधिकारी किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नही कर रहे है. सूत्रों के मुताबिक जहां भूमाफिया को कब्जा करना होता है, वहां पहले धार्मिक स्थल बना दिया जाता है. इसके बाद फिर उसके पीछे फार्म हाउस, बैंक्वेट हाल के लिए निर्माण किया जाता है.
ऐसे हुआ खुलासा हरियाणा सरकार अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की घोषणा कर चुकी है. पिछले वर्ष कॉलोनियों की पहचान करने के लिए टाउन एंड कंट्री प्लांनिग विभाग को सरकार ने जिम्मेदारी दी थी. भौगोलिक वास्तविकता जानने के लिए 359 कॉलोनियों की सूची निगम को भेजी. निगम जांच में 113 कॉलोनियों को अरावली के राजस्व रिकॉर्ड में पाया है, इस जमीन को वन आरक्षित घोषित किया गया है.
इनमें 359 कॉलोनी नगर निगम की परिधि में आती है बाकी 194 कॉलोनी नगर निगम की परिधि से बाहर है. टाउन एंड कंट्री प्लांनिग विभाग की तरफ से भौगोलिक वास्तविकता जानने के लिए 359 कॉलोनियों की सूची नगर निगम को भेजी. नगर निगम अपनी जांच में उपरोक्त कॉलोनियों में 113 कॉलोनियों को अरावली के राजस्व रिकॉर्ड में पाया है, इस जमीन को वन आरक्षित घोषित किया गया है.

50 टावर, 20 रेस्तरां, ढाबा अरावली में खुले
भूमाफिया अरावली में अवैध कॉलोनी बसाने के साथ-साथ कारोबार के लिहाज से भी इस पर कब्जा कर रहा है. पाली क्रेसर जोन रोड पर रेटोरेन्ट, ढाबा आदि के साथ-साथ मोबाइल टावर भी लगवाये जा रहे है. जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार वन आरक्षित क्षेत्र में गैर वानिकी कार्य पर पाबंदी है. सूत्रों के मुताबिक ़फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड, सूरजकुंड रोड, पाली क्रेसर जोन रोड पर करीब 50 से ज्यादा मोबाइल टावर लगे हुए है. 20 से ज्यादा रेस्तरां और ढाबा बना दिए गए है.
नोटिस से आगे नहीं बढ़ रही वन विभाग की कार्रवाई
खोरी गांव को साफ करने के बाद अरावली में बने फार्म हाउस, बैंक्वेट हाल आदि निर्माण को साफ करने के आदेश भी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्ष दिए थे, लेकिन वन विभाग अरावली में बने फार्म हाउस, बैंक्वेट हाल के खिलाफ कार्रवाई के रूप में अभी नोटिस देने से आगे नही बढ़ा है. पिछले वर्ष अक्टूबर से ही वन विभाग सिर्फ नोटिस दे रहा है. गौरतलब है कि वन विभाग की तरफ से जारी नोटिस में सम्बंधित विभाग ने 15 दिन में जवाब देने के लिए कहा था और उसके बाद संबंधित निर्माण को तोड़ने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नही कर सका है.
अरावली में कहां कितना रकबा
● 6948 हेक्टेयर अराक्ली का कुल रकबा
● 1300 हेक्टेयर में कब्जा
● 123 जगह अरावली में अतिक्रमण
● 9574 हेक्टेयर रकबा जिला नूह में है
स्रोत एनजीटी में दिए हरियाणा सरकार का शपथ पत्र
जिलास्तरीय कमेटी कर रही है रिपोर्ट तैयार
अरावली में अवैध निर्माण की पहचान करने के लिए हरियाणा सरकार ने उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कमेटी गठित की हुई है. जिसमें नगर निगम, वन विभाग, राजस्व विभाग, टाउन एंड कंट्री प्लांनिग विभाग के जिला स्तर के आला अधिकारी शामिल है. बहरहाल, सरकार के आदेश पर गठित जिला स्तरीय कमेटी की जांच जारी है. कमेटी 60 फार्महाउस की रिपोर्ट विभाग को सौंप चुकी है.

फरीदाबाद न्यूज़ डेस्क !!!
 

Share this story