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Faizabad कोविड की छाया से मुक्त नहीं हुई अयोध्या-जनकपुर यात्रा

Faizabad कोविड की छाया से मुक्त नहीं हुई अयोध्या-जनकपुर यात्रा

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क  कुअंरु कुअंरि कल भावंरि देहीं, नयन लाभु सब सादर लेहीं, जाइ न बरनि मनोहर जोरी, जो उपमा कछु कहों सो थोरी.. भगवान श्रीसीताराम का विवाहोत्सव श्रीअवध के विशेषोत्सवों में प्रमुख है। मधुर उपासना परम्परा के साधक-संतों के लिए सबसे प्रमुख उत्सव है। अगहन पंचमी के पर्व पर यहां मंदिर-मंदिर उत्सव की धूम मचेगी। इस अवसर पर अयोध्या से जनकपुर राम बारात की परम्परा पर लगा कोविड का ग्रहण का मोक्ष भले हो गया है लेकिन उसकी छाया अभी भी बरकरार है। इसके कारण विहिप की ओर से निकाली जाने वाली बारात को फिलहाल प्रतीकात्मक रुप में निकाली जाएगी जिसमें भगवान के स्वरूप के साथ सीमित पदाधिकारी ही जाएंगे।


विश्व हिन्दू परिषद के तत्वावधान में राम बारात का श्रीगणेश वर्ष 2004 में अगहन पंचमी के पर्व पर हुआ था। इसके बाद यह राम बारात प्रत्येक पांच वर्ष के अंतराल में निकाली जाने लगी। इसी कड़ी में वर्ष 2009, 2014 व 2019 में बारात निकाली गयी। पुन: निर्णय लिया गया कि हर साल यात्रा निकाली जाएगी लेकिन वर्ष 2020 में कोरोना की वैश्विक महामारी की चपेट में देश ही नहीं सम्पूर्ण विश्व आ गया। इसके कारण लॉकडाउन की परिस्थितियां पैदा हुई और बारात नहीं निकाली जा सकी। इस साल प्रभाव कम हुआ तो माना जा रहा था कि बारात निकाली जाएगी लेकिन बारात प्रतीकात्मक ही निकाली जाएगी। राम बारात के संयोजक व विहिप के केन्द्रीय मंत्री राजेन्द्र सिंह पंकज ने बताया कि तीसरी लहर को ध्यान में रखकर तैयारियां नहीं की गयी हैं।

फैजाबाद न्यूज़ डेस्क

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