Samachar Nama
×

Dhanbad दो दशक तक कोयला संभावनाओं वाला क्षेत्र,महत्वपूर्ण आंकड़े जाने 
 

Dhanbad दो दशक तक कोयला संभावनाओं वाला क्षेत्र,महत्वपूर्ण आंकड़े जाने 

झारखण्ड न्यूज़ डेस्क, कोल सेक्टर में जस्ट ट्रांजिशन की खूब चर्चा है. कोयले से इतर ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर तेजी से काम करने पर बल दिया जा रहा है. सौर, न्यूक्लियर, हाइड्रोजन आदि को भविष्य का ऊर्जा स्रोत माना जा रहा है. वैसे कोल सेक्टर के विशेषज्ञों की बात करें तो कम से कम दो दशक तक कोयला भारत में संभावनाओं वाला क्षेत्र है. ऊर्जा के साथ-साथ कोयला में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं.

बीसीसीएल में आयोजित दो दिनी राष्ट्रीय सेमिनार (खनन क्षेत्र की चुनौतियां और अवसर) में खनन क्षेत्र पर विस्तार से चर्चा हुई. वैसे ज्यादातर वक्ताओं ने कोल सेक्टर में संभावनाओं पर चर्चा केंद्रित रखी. बातचीत में कई विशेषज्ञों ने कहा कि यह सब कहने की बात है. इतनी जल्द कोयले से मुक्ति संभव नहीं है. जिस देश में ऊर्जा में 75 प्रतिशत हिस्सेदारी कोयले की है, वहां कोयले को दस-पांच वर्षों में छोड़ना संभव नहीं है. दुनिया की सबसे बड़ी कोयला कंपनी कोल इंडिया के चेयरमैन सहित कई अनुषंगी कंपनियों के सीएमडी, पूर्व सीएमडी आदि ने सेमिनार को संबोधित किया. कुछ आंकड़े, रोडमैप आदि भी प्रस्तुत किए गए, जिससे यह चलता है कि अभी कोयले में अपार संभावनाएं हैं. कोयला बहुल राज्यों में सबसे ज्यादा निवेश कोल सेक्टर में होने वाला है. झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा जैसे राज्य में कोयला ही सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला है. पोस्ट कोविड के बाद भारत में कोल सेक्टर तेजी से विकास के रथ पर सवार है. कोल इंडिया के लक्ष्य में चालू वित्त वर्ष के मुकाबले आगामी वित्त वर्ष में 80 मिलियन टन की वृद्धि की गई है.
2022-23 में कोल इंडिया का लक्ष्य 700 मिलियन टन है. 2023-24 में इसे बढ़ा कर 780 मिलियन टन किया गया है.
महत्वपूर्ण आंकड़े
● 2022 में कोयला आधारित बिजली उत्पादन में 16.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और घरेलू कोयले के उत्पादन में 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. वर्ष 2030 तक भारत की कोयले की आवश्यकता 1.5 बिलियन टन होगी. 2040 तक कोयले के उत्पादन में वृद्धि का रुख रहेगा.
● जून 2020 से अगस्त 2022 तक 43 कोयला खदानों की कॉमशियल माइनिंग के लिए नीलामी हुई. अब संख्या 60 तक पहुंच चुकी है. इनसे 23.77 मिलियन टन प्रतिवर्ष कोयला उत्पादन होगा. वार्षिक राजस्व सृजन 4286.53 करोड़ तथा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 31,954 व्यक्तियों के लिए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है. 3565.50 करोड़ रुपए का निवेश आएगा.
● एक्सपर्ट की मानें तो 141 कोल ब्लॉक की नीलामी पाइपलाइन में है. यदि सफलतापूर्व सभी कोल ब्लॉकों की नीलामी हो जाती है तो बेहिसाब निवेश होगा और लाखों में रोजगार सृजन की संभावना है. कोयले एवं ऊर्जा की बढ़ती का मांग का सीधा संकेत है कि औद्योगिक विकास में भी तेजी है.

धनबाद न्यूज़ डेस्क !!!
 

Share this story