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Dehradun बिल्डर को बंधक नहीं रखनी होगी जमीन, 3500 परिवारों को मिलेगा मालिकाना हक
 

Dehradun बिल्डर को बंधक नहीं रखनी होगी जमीन, 3500 परिवारों को मिलेगा मालिकाना हक

उत्तराखंड न्यूज़ डेस्क, पीएम आवास योजना के तहत सस्ते आवास बनाने वाले बिल्डरों को परियोजना निर्माण के लिए अब जमीन बंधक नहीं रखनी होगी. इसके बदले उन्हें बैंक गारंटी जमा करानी होगी. कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
दरअसल अभी तक पीएम आवास योजना के तहत सस्ते मकान बनाने वाले बिल्डरों को आवासीय योजना तैयार करने पर 15 प्रतिशत जमीन बंधक करानी पड़ती थी. लेकिन राज्य में जमीनों की कमी को देखते हुए बिल्डरों के लिए ऐसा करना मुश्किल हो रहा था. साथ ही यदि बिल्डर जमीन को बंधक रख रहे थे तो जमीन का काफी बड़ा हिस्सा बेकार हो रहा था. इसे देखते हुए अब कैबिनेट ने बिल्डरों को बड़ी राहत देते हुए जमीन बंधक रखने की शर्त में छूट देने का निर्णय लिया है. कैबिनेट के इस फैसले से अब बिल्डरों को जमीन बंधक नहीं रखनी पड़ेगी और इससे योजना के तहत अधिक आवास बनाए जा सकेंगे.

इसके साथ ही कैबिनेट को पीएम आवास योजना के तहत होने वाले भुगतान की शर्तों में भी बदलाव कर दिया है. पहले बिल्डर को परियोजना शुरू होने से पहले चालीस प्रतिशत जबकि परियोजना पूरी हो जाने के बाद अवशेष 60 प्रतिशत बजट का भुगतान किया जाता था. लेकिन अब परियोजना शुरू होने से पहले पचास प्रतिशत जबकि परियोजना पूरी हो जाने के बाद भी पचास प्रतिशत का भुगतान किया जाएगा.
यूएसनगर के सितारगंज शक्तिफार्म के 3500 परिवारों को पट्टे की जमीन पर मालिकाना हक मिलेगा. इसके लिए कैबिनेट ने जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम 2014 में संशोधन को मंजूरी दी. कैबिनेट ने गवर्नमेंट ग्रांट ऐक्ट के पट्टों को विनियमित किए जाने का फैसला लिया. इसका लाभ शक्तिफार्म सितारगंज में बसे 3500 परिवारों को मिलेगा. अभी तक जिला पुनर्वास कार्यालय बरेली के स्तर से जारी पट्टों को ही विनियमित किए जाने की दिशा में मंजूरी थी. अब कैबिनेट ने इस दायरे में जिला पुनर्वास कार्यालय रुद्रपुर और नैनीताल को भी ले लिया है.

देहरादून न्यूज़ डेस्क !!!
 

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