Samachar Nama
×

Dehradun परमिट के लिए 31जनवरी तक आवेदन प्रदूषण को कम करने के लिए डीजल वाले पुराने ऑटो-विक्रम को सड़क से हटाने का प्रकरण
 

Dehradun परमिट के लिए 31जनवरी तक आवेदन प्रदूषण को कम करने के लिए डीजल वाले पुराने ऑटो-विक्रम को सड़क से हटाने का प्रकरण

उत्तराखंड न्यूज़ डेस्क,  देहरादून में मौजूदा समय में चल रहे पुराने पेट्रोल-डीजल वाले ऑटो-विक्रम संचालकों को नए परमिट के लिए 31 जनवरी 2023 तक आवेदन करना होगा. ऐसा नहीं करने पर आमजन के लिए परमिट लेने का विकल्प खोल दिया जाएगा.
आरटीओ सुनील शर्मा ने एक नवंबर को हुई संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में हुए फैसलों की  प्रेस वार्ता में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में विभिन्न रूटों पर चल रहे डीजल-पेट्रोल चलित ऑटो और विक्रम संचालकों को नए परमिट के लिए 31 जनवरी 2023 तक आवेदन करना होगा, ताकि एनजीटी की गाइडलाइन के मुताबिक बीएस 6 फोर व्हीलर, सीएनजी, इलेक्ट्रिक वाले ऑटोएवं विक्रम रूटों पर चलने शुरू हो जाए. यदि पुराने ऑटो-विक्रमों के मालिक परमिट के लिए आवेदन नहीं करते हैं तो तय समय के बाद परमिट का विकल्प सभी के लिए खोल दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि ऑटो-विक्रम 10 साल से पुराना है तो उसे 31 मार्च 2023 और दस साल से कम पुराना है तो 31 दिसंबर 2023 तक हटाना है, लेकिन आवेदन 31 जनवरी तक करना होगा. यदि कोई परमिट लेने का इच्छुक नहीं है तो तय तिथि के बाद पुराने डीजल वाले ऑटो-विक्रम रूटों पर चलने बंद हो जाएंगे.

आरटीओ ने कहा कि ऐसे वाहन जो रिप्लेस नहीं किए जाएंगे, उनके लिए स्क्रैप पॉलिसी भी तैयार की जा रही है. उन्होंने कहा कि देहरादून के साथ ही पूरे रीजन में यह एक समान व्यवस्था लागू होगी.
दून ऑटो रिक्शा यूनियन देहरादून ने आरटीए की बैठक में हुए फैसलों का विरोध किया है. यूनियन के पदाधिकारियों ने डीएल रोड चौक के समीप स्थित अंबेडकर मैदान में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है.
यूनियन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने कहा कि डीजल पेट्रोल को रिपलेस करने के लिए यूनियन ने 2025 तक का समय देने की मांग की थी. इसके अलावा सभी ने ऑटोमेटिड फिटनेस के लिए डोईवाला में बनाए गए सेंटर का भी विरोध किया है. महामंत्री शेखर कपिल ने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं और आरटीए की बैठक में लिए गए फैसलों को निरस्त नहीं किया गया तो व्यापक आंदोलन करेंगे. उन्होंने आयोजित होने जा रहे महासम्मेलन में ऋषिकेश, हरिद्वार, रुड़की, लक्सर के ज्यादा से जयादा ऑटो रिक्शा संचालकों से शामिल होने का आह्वान किया है. पूर्व अध्यक्ष राम सिंह, राजेंद्र अरोड़ा, मुद्दसीर अहमद, केतन सोनकर, राजेंद्र कुमार, रविंद्र डोरा, शराफत अली, शफीक अहमद समेत कई अन्य बैठक में मौजूद थे.
प्रदूषण को घटाने के लिए डीजल वाले वाहन हटने जरूरी
आरटीओ सुनील शर्मा ने कहा कि पुराने डीजल वाहनों की वजह से प्रदूषण का ग्राफ दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है. खासतौर से बच्चों की सेहत पर वाहनों से निकलने वाले धुएं का बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है. ऐसे में एनजीटी की गाइडलाइन का पालन करवाने को लेकर विभाग पूरी तैयारी कर रहा है. उन्होंने कहा कि ऑटो विक्रम संचालकों को सब्सिडी का लाभ मिल सके, इस दिशा में काम हो रहा है.
स्मार्ट इंटेलीजेंट ट्रैफिक के लिए बन रहा प्लान
आरटीओ सुनील शर्मा ने बताया कि यात्रियों को बार बार बसें ऑटो विक्रम नहीं बदलने पड़ें, बाहरी क्षेत्रों से शहर के मुख्य स्थानों पर आसानी से आवाजाही हो सके इसके लिए स्मार्ट इंटेलीजेंट ट्रैफिक की व्यवस्था लागू करने पर काम किया जा रहा है. यह प्रयास किया जाएगा कि यात्री टोकन सिस्टम के माध्यम से सफर कर सकें और उन्हें टिकट लेने की जरूरत ही न पड़े. ऑटो विक्रम और सिटी बर्सें आईएसबीटी, रिंग रोड, मसूरी डायवर्जन, गढ़ी कैंट होते हुए आईएसबीटी तक भी चलें. जल्द कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी जाएगी.
अभी बना है असमंजस
दून महानगर सिटी बस सेवा महासंघ के अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने बताया कि आरटीओ द्वारा 18 रूटों पर स्टेज कैरिज परमिट देने की बात की गई है. लेकिन मामला अभी कोर्ट के अधीन रहने की बात भी कही है.

देहरादून न्यूज़ डेस्क !!!
 

Share this story