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Bhagalpur एप से हाजिरी बनाने में आ रही समस्या, शिक्षक परेशान

समस्या

बिहार न्यूज़ डेस्क  ई शिक्षा कोष एप से हाजिरी बनाने की नयी व्यवस्था से शिक्षकों की परेशानी कम नहीं हो रही है. बताया गया है कि अभी भी जिले के सभी सरकारी स्कूलों में यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है.

जिले में सरकारी स्कूलों की संख्या 1531 है. लेकिन, करीब 12 सौ स्कूलों में ही इस एप से हाजिरी बनाने का काम शुरू हो सका है. शिक्षकों के मुताबिक एप से हाजिरी बनाने में कई तरह की तकनीकी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है. शिक्षा विभाग की ओर से सभी सरकारी शिक्षकों को   से ही ई शिक्षाकोष एप से उपस्थिति दर्ज करने का आदेश दिया गया है. इस आदेश से सभी शिक्षक हैरान और काफी परेशान हैं.

ई शिक्षाकोष एप से हाजिरी बनाने को लेकर शिक्षक आशंकित ई शिक्षाकोष एप से हाजिरी बनाने को लेकर शिक्षक आशंकित हैं. उनका कहना है कि जहां नेटवर्क की समस्या रहती है तो एप कैसे काम करेगा. कभी अगर बिजली नहीं रहने के कारण मोबाइल डिसचार्ज हो जाए. रिचार्ज या डेटा खत्म हो जाए. मोबाइल खो जाए. मोबाइल घर मे ही भूल जाएं. तब इस एप के माध्यम से उनकी हाजरी कैसे बनेगी. शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा विभाग को इस आदेश को अमलीजामा पहनाने के लिए सर्वप्रथम शिक्षकों को समुचित सुविधा, संसाधन और प्रशिक्षण सुनिश्चित करना चाहिए.

स्कूल प्रांगण मे रहने के बाद भी एप शिक्षको को स्कूल से काफी दूर बतलाता शिक्षकों का कहना है कि इस एप्प के बारे में शिक्षा विभाग द्वारा बताया गया है कि इस एप से स्कूल प्रांगण के अंदर ही शिक्षक अपनी हाजिरी बना सकते हैं. स्कूल प्रांगण के बाहर यह एप काम नहीं करता है. परंतु विडंबना यह है कि शिक्षक के स्कूल प्रांगण मे रहने के बाद भी एप शिक्षको को स्कूल से काफी दूर बतलाता है. इससे शिक्षकों की हाजिरी एप्प से नहीं बन पा रही है. शिक्षक इस एप को लेकर हैरान और काफी परेशान हैं. विभाग एप्प के तकनीकी समस्याओं को अविलम्ब सुधार कराए.

यह आदेश बिना हथियार दिये सिपाही को फायरिंग का आदेश देने जैसा टीईटी प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश संयोजक राजू सिंह ने एप से शिक्षकों की हाजिरी बनाने को लेकर आपत्ति जाहिर की. उन्होंने कहा कि यह आदेश बिना हथियार दिये सिपाही को फायरिंग का आदेश देने जैसा है. जमीनी हकीकत यह है कि हजारों शिक्षकों के पास एंड्रॉयड मोबाइल अभी है ही नहीं. बहुत सारे ऐसे शिक्षक हैं जिन्हें मोबाइल है भी तो इस एप को ऑपरेट करने नहीं आता है. शिक्षा विभाग को सर्व प्रथम शिक्षकों के लिए डेटा के साथ एंड्रॉयड मोबाइल उपलब्ध करवाना चाहिए. साथ ही इसे ऑपरेट करने के लिए प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है.

कहते हैं अधिकारी डीईओ राजदेव राम का कहना है कि शिक्षकों को एप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करनी होगी. यदि कहीं कोई तकनीकी समस्या है तो वे विभागीय अधिकारी से संपर्क करें. उनकी समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय अधिकारी तत्पर हैं. यदि कहीं नेटवर्क की समस्या आड़े की शिकायत आती है तो इसकी जांच करायी जाएगी.

 

भागलपुर न्यूज़ डेस्क

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