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Begusarai गढ़पुरा बांधों की नहीं हो रही समुचित देखरेख

nashik बांधों में जल संग्रहण 13 प्रतिशत घटा

बिहार न्यूज़ डेस्क बाढ़ की विभीषिका को रोकने के लिए प्रखंड क्षेत्र में कुल चार जमींदारी बांध मौजूद हैं, पर इसकी समुचित देखरेख नहीं हो रही है. इसका नतीजा है कि कहीं बांध पर घने जंगल उगे हुए हैं, तो कहीं जंगली जानवर बिल बनाए हुए हैं.

इनमें मालीपुर का अमृता बांध, रानीचक-सिमराहा-दूधौना-टैगराहा बांध, बदिया सपाही बांध तथा मौजी हरि सिंह बांध शामिल है. यह सभी बांध करेह नदी की बाढ़ की विभीषिका को रोकने के लिए बनाए गए हैं. मालीपुर के अमृता बांध और रानीचक गांब के बीच बांध नहीं रहने की वजह से हसनपुर प्रखंड के पटोरी और डुमरा होकर बाढ़ का पानी गढ़पुरा प्रखंड क्षेत्र में प्रवेश कर जाता है. यह बांध चंद्रभागा नदी पर बना हुआ है. इसी प्रकार कुम्हारसों पंचायत के बदिया गांव से लेकर गढ़पुरा स्टेशन तक बांध बना हुआ है. हसनपुर प्रखंड के लोग जब बाढ़ की विभीषिका से परेशान होने लगते हैं तो इस बांध को लोग काट देते हैं. इसके कारण यहां पूर्व में कई बार गोलीबारी और खून खराबा हो चुका है. मौजी हरिसिंह पंचायत में जो बांध बना हुआ है वह छोटी बागमती नदी पर बनाया गया है, लेकिन इस बांध की स्थिति भी ठीक नहीं है. मौजी थान सिंह, शीतल रामपुर और खखरुआ गांव में कई जगह बांध क्षतिग्रस्त है. इसके कारण बाढ़ के समय नदी का पानी गांव में प्रवेश कर जाता है. इन बांधों की स्थिति यह है कि एक दशक पूर्व इसका ऊंची करण और चौड़ीकरण किया गया. बांधों में कई जगह रेन कट हैं, तो कई जगह लोगों ने बांध को ही काटकर रास्ता बना दिया है.

मौजी हरिसिंह पंचायत की मुखिया हीरा देवी ने बताया कि जो बांध बने हुए हैं वह कई जगह क्षतिग्रस्त हैं, जिसकी मरम्मती की जरूरत है.

बछवाड़ा में ट्रेन से कटकर गई जान

बछवाड़ा जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या-3 व 4 के बीच मेन लाइन पर  की दोपहर 13106 डाउन बलिया- सियालदह एक्सप्रेस ट्रेन से कटकर एक राज मिस्त्रत्त्ी की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई.

मृतक की पहचान बछवाड़ा थाना क्षेत्र के रुदौली वार्ड संख्या-12 निवासी स्वर्गीय रामजी साह के 50 वर्षीय पुत्र सुरेंद्र साह के रूप में की गई है. परिजनों ने बताया कि वह पटना में रहकर राजमिस्त्रत्त्ी का काम करता था.  वह हाजीपुर से ट्रेन पकड़ कर अपने घर अकेले ही लौट रहा था. रेल थानाध्यक्ष उमेश गुप्ता ने बताया कि बछवाड़ा में बलिया- सियालदह एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव नहीं रहने के कारण मेन लाइन से उक्त ट्रेन रनथ्रू गुजर रही थी. स्टेशन के समीप ट्रेन की गति धीमी देख वह चलती ट्रेन से उतरने के दौरान ट्रेन की चपेट में आ गया. जिससे उसके कमर के पास से शरीर के दो टुकड़े हो गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई. मृतक के जेब से हाजीपुर से बछवाड़ा तक का रेल टिकट मिला है. इधर, घटना की खबर पाते ही परिजनों में कोहराम मच गया. जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल बेगूसराय भेज दिया.

 

 

बेगूसराय न्यूज़ डेस्क 

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