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Bareilly  शब्दों की बाजीगरी न कीजिए, राहत दीजिए, बोले जनता का गुस्सा हमें भुगतना पड़ेगा

Bharatpur विधानसभा चुनाव 2023: बैठक में राजनीतिक दलों को दिया गया होम वोटिंग का मौका

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क  शहर के नये और पुराने करदाताओं के लिए कहीं राहत तो कुछ की जेब ढीली होगी.  मेयर डॉ. उमेश गौतम और नगरायुक्त निधि गुप्ता वत्स ने टैक्स विभाग के अधिकारी और पार्षदों के साथ बैठक की है. बैठक में पार्षदों के साथ कई बिंदुओं पर चर्चा की. सीटीओ (चीफ टैक्स ऑफिस) के जवाब पर पार्षदों ने उनसे कहा कि शब्दों की बाजीगरी न करें, जनता को राहत कैसे मिले इसका हल निकालें. सीटीओ तो ट्रांसफर होकर चले जाएंगे, जनता का गुस्सा तो हमको भुगतना है. अंत में मेयर ने सभी की सहमति के बाद निर्णय दिया है कि स्वकर प्रणाली के तहत बिना नगरायुक्त के हस्ताक्षर के टैक्स जमा नहीं होगा.

 मेयर कार्यालय में बैठक का आयोजन किया. जिसमें पार्षद राजेश अग्रवाल ने सबसे पहले टैक्स बिलों को लेकर मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि बैठक में हमको बुलाया गया. बैठक में बाकी पार्षद साथी, मेयर और नगर आयुक्त और मुख्य निर्धारण अधिकारी वार्डों में कैंप लगने की बात पर सहमत थे और जीआईएस सर्वे को मान्यता दे रहे थे. इस पर हमने अधिनियम नियमावली के आधार पर मुख्य निर्धारण अधिकारी पीके मिश्र से सवाल किया और बताया की पुराने करदाता को आप जीआईएस सर्वे के दायरे में नहीं ला सकते हैं.

मुख्य कर निर्धारण अधिकारी से नियमावली के नियम पांच पर पूछा की कहां लिखा है कि जीआईएस सर्वे में पुराने करदाता शामिल किए जाएंगे. इसके बाद ही यह तय हुआ कि करदाता खुद हीअपना स्वकर प्रणाली वाला फॉर्म भर के जमा करेंगे. पार्षद पति अतुल कपूर ने कहा कि सीटीओ साहब आप तो ट्रांसफर के बाद चले जाओगे, हमको जनता को जवाब देना होता है. पार्षद गौरव सक्सेना ने कहा कि जीआईएस सर्वे के बाद कार्य अधूरा है तो इसको लागू करने में इतनी जल्दी क्यों है. सीटीओ जनहित के लिए काम नहीं कर रहे हैं. बैठक में दो अलग अलग धार्मिक स्थलों के बिल को लेकर भी मामला उठा. एक बिल शून्य था जो दूसरे धार्मिक स्थल का बिल 6931 रुपये दिखाया गया है. बैठक में उपसभापति सर्वेश रस्तोगी, पार्षद सलीम पटवारी, छंगामल मौर्य, मुकेश सिंघल, शालिनी जौहरी, संजीव रस्तोगी, अलीम खा, नासिर अहमद आदि रहे.

मिश्रित भवनों पर टैक्स छूत पर बहस: पार्षद राजेश अग्रवाल, गौरव सक्सेना ने कहा कि पूर्व में मिलने वाली छूट पर मुख्य कर निर्धारण अधिकारी से बहस हुई. उनका कहना था की मिश्रित भवन में यह छूट नहीं मिलेगी. इस पर हमने कहा कि अगर वह हिस्सा कॉमर्शियल वाला बच्चों को दान कर दे या बेच दे तो फिर विभाग क्या करेगा. यह तय हुआ की मिश्रित पर भी छूट मिलेगी 2023-24 के एरियर समाप्त होंगे. फिर यह तय हुआ कि करदाता 2024- में स्वकर निर्धारण के फार्म जमा करेगा उसके आधार पर बिना जांच के कर जमा किया जाएगा व बाद में 10 प्रतिशत करदाताओं की स्क्रूटनी होगी. विगत वर्षों में मिल रही छूट फिर से मिलेगी व 2023-24 का एरियर समाप्त होगा.

डेढ़ लाख पुराने करदाता परेशान, मनमानी पर उतरा विभाग: बैठक में पार्षदों ने कहा कि टैक्स विभाग मनमानी पर उतर आया है. पुराने करदाताओं पर रिवाइज बिल भेज दिए हैं. जबकि सर्वे में जो 85 हजार भवन चिन्हित हुए उन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. पार्षदों ने कहा कि तमाम तरह की खामियां सामने आ रही हैं. विभाग अपनी मनमानी कर रहा है. 10. लाख का बिल को 41 हजार कर दिया जाता है. बाद में गलती सॉफ्टवेयर की बता दी जाती है. इस पर मेयर ने कहा कि इस तरह की गलियों की शिकायत लगातार आ रही है. पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि मनमानी नहीं रूकी तो हम कोर्ट जाने पर मजबूर होंगे.

 

 

बरेली न्यूज़ डेस्क

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