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Allahabad इंजीनियरिंग ही नहीं, पीसीएम में हैं कई मौके

Ranchi देशभर के इंजीनियरिंग विद्यार्थी जुटेंगे रांची में, पेश करेंगे प्रोजेक्ट,  ‘आत्मनिर्भर प्रौद्योगिकियां-इंजीनियरिंग सुरक्षित भविष्य’ पर कॉन्क्लेव

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क  बारहवीं में अगर फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (पीसीएम) विषय हैं, तो आमतौर पर लक्ष्य इंजीनियरिंग ही होता है. पर, अगर जेईई परीक्षा में मात खा जाएं, तो भी यह विषय वर्ग आपको कई अच्छे विकल्प देगा. बता रहे हैं विशेषज्ञ

मैथ्स बनेगी सीए के लिए आधार

बारहवीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के कारण इस विषय वर्ग के छात्र सीए का कोर्स भी आजमा सकते हैं. यह शानदार आय देने वाला कोर्स है और आपको अनगिनत और सदाबहार मौके देने वाली फाइनेंस की दुनिया के लिए प्रशिक्षित करता है.

क्या हो रोडमैप सीए के फाउंडेशन कोर्स में प्रवेश लें. स्नातक या पीजी छात्र डायरेक्ट एंट्री स्कीम के तहत सीधे इंटरमीडिएट स्तर के कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं. चरणबद्ध तरीके से कोर्स उत्तीर्ण करते हुए आपको तीसरे चरण में तीन साल की आर्टिकलशिप ट्रेनिंग करनी होगी यानी किसी सीए के साथ ट्रेनिंग में काम करना होगा. आर्टिकलशिप के अंतिम छह महीनों में फाइनल एग्जाम के लिए आवेदन करके अपना कोर्स पूरा कर सकते हैं.

चुनौती धैर्य से कोर्स पूरा जरूर करें. विज्ञान के छात्रों को अकाउंटिंग पर थोड़ी तैयारी करनी पड़ सकती है. इसके लिए ऑनलाइन ट्यूटोरियल से मदद लें.

संस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया

वेतन औसतन 50 हजार रुपये प्रति माह के वेतन से शुरुआत होगी.

रहवीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स लिए अधिकतर छात्रों का लक्ष्य इंजीनियरिंग होता है. लेकिन अच्छे कॉलेज से इंजीनियरिंग की लोकप्रिय शाखाओं में बीटेक करने के लिए जेईई परीक्षा उत्तीर्ण करना एक कठिन शर्त है, जो हर छात्र के लिए संभव नहीं हो पाती. ऐसे में आप पीसीएम के आधार पर कई अन्य क्षेत्र चुन सकते हैं, जो स्वर्णिम भविष्य देने में समर्थ हैं.

डेटा साइंस

आज पूरा बाजार डेटा पर चल रहा है और इस स्किल की रीढ़ होते हैं पीसीएम विषय. इसलिए इस विषय वर्ग के बाद आप डेटा साइंस को अपना लक्ष्य बना सकते हैं.

क्या होगा काम डेटा साइंटिस्ट डेटा का विश्लेषण करके उसमें पैटर्न बनाता है. इस काम में वह दर्जनों टूल्स, सांख्यिकी के नियमों और कंप्यूटर प्रोग्राम का इस्तेमाल करता है. डेटा वैज्ञानिक के काम में डेटाबेस का विकास और रखरखाव करना भी शामिल है. वे व्यावसायिक समस्याओं के समाधान के लिए डेटा पर आधारित समाधान के विविध मॉडल बनाते हैं और रणनीतियां और समाधान प्रस्तावित करते हैं.

रोडमैप कंप्यूटर साइंस में बीएससी या बीसीए यानी बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन का कोर्स करें और डेटा साइंस में स्पेशलाइजेशन करें. इसके लिए सीयूईटी की परीक्षा या संस्थान की प्रवेश परीक्षा देनी होगी. या सीधे डेटा साइंस में बीएससी कर सकते हैं. जेईई मेन के स्कोर के आधार पर डेटा साइंस में बीटेक का विकल्प तो है ही.

संस्थान वर्तमान में लगभग 2400 से ज्यादा कॉलेज कंप्यूटर साइंस में बीएससी कराते हैं. जिसमें बीएचयू, एएमयू, वीआईटी आदि प्रमुख हैं.

वेतन औसतन शुरुआती वार्षिक वेतन 12 लाख रुपये होता है.

स्टैटिस्टिक्स की डिग्री बनेगी कई मौकों का आधार

पीसीएम से बारहवीं के बाद आप स्टैटिस्टिक्स में बीएससी का विकल्प भी अपना सकते हैं. गणित का अभ्यास आपको सांख्यिकी से जुड़ने में मदद करेगा. साथ ही इस विषय में डिग्री की बदौलत आपकी राहें बिजनेस मैनेजमेंट एनालिस्ट, डेटा एनालिस्ट, बीमा क्षेत्र में एक्चुअरी या रिसर्चर के करियर से भी जुडे़ंगी.

रोडमैप पीसीएम से बारहवीं के बाद स्टैटिस्टिक्स की अंडरग्रेजुएट डिग्री के लिए अधिकतर कॉलेज मेरिट के आधार पर प्रवेश देते हैं. कुछ की अपनी प्रवेश परीक्षा भी होती है. जैसे सीयूईटी, बीएचयू यूईटी.

संस्थान बीएससी इन स्टैटिस्टिक्स लगभग सभी प्रमुख विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में उपलब्ध है.

वेतन प्रतिमाह औसतन 40 हजार रुपये.

मर्चेंट नेवी

समय के साथ मर्चेंट नेवी की ओर युवाओं का ध्यान कम ही जा रहा है. लेकिन यह अच्छी आय देने वाला शानदार करियर है.

क्या होता है काम यह सैन्य नौसेना से अलग है और वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए उपयोग में आता है. मर्चेंट नेवी में कंटेनर जहाज, टैंकर, क्रूज और बल्क कैरियर्स शामिल होते हैं.

रोडमैप कैडेट और डिप्लोमा कोर्स के लिए न्यूनतम योग्यता पीसीएम से 12वीं पास होती है. बीई, बीटेक (मरीन इंजीनियरिंग) या नॉटिकल साइंस में बीएससी डिग्री या डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं. प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं में ऑल इंडिया मर्चेंट नेवी एंट्रेंस टेस्ट, इंडियन मेरीटाइम यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट, टीएमआई बिट्स-ईई हैं.

संस्थान इंडियन मेरीटाइम यूनिवर्सिटी, इंटरनेशनल मेरीटाइम इंस्टीट्यूट दिल्ली, कोयंबटूर मेरीन कॉलेज, टीएमआई पुणे

वेतन औसतन 6 लाख रुपये वार्षिक से शुरू.

आर्किटेक्चर

लिंक्डइन के एक लेख की मानें, तो भारत में बीआर्क कोर्स की एक तिहाई सीटें खाली रह जाती हैं. इसके पीछे स्टार्टअप बूम, टेक डिग्री की दीवानगी आदि कारण हो सकते हैं. वहीं माना जाता है कि बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर की प्रवेश परीक्षा जेईई से आसान पड़ती है.

क्या होता है काम आर्किटेक्ट क्लाएंट की डिजाइन से जुड़ी जरूरतों के अनुसार भवन निर्माण की योजना बनाता है और अमल करवाता है.

रोडमैप बैचलर ऑफ प्लानिंग या बीआर्क कोर्स में प्रवेश जेईई से भी होता है या अलग संस्थानों के लिए नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट इन आर्किटेक्ट देना होगा. उसके बाद पोस्ट ग्रेजुएट स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं.

संस्थान आईआईटी, एनआईआईटी, एसपीए दिल्ली, जेएमआई दिल्ली, एसआरएमआईएसटी चेन्नई, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, मणिपाल स्कूल ऑफ आर्किटेक्ट एंड प्लानिंग.

वेतन औसतन 6 लाख रुपए वार्षिक.

प्रोडक्ट डिजाइन

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म क्लेवर हार्वे की मानें, तो डिजाइनिंग इंडस्ट्री 23- फीसदी वार्षिक दर से विस्तार कर रही है और जरूरत से कम मान्यताप्राप्त डिजाइनर निकल रहे हैं.

क्या होगा काम प्रोडक्ट डिजाइन के कोर्स में थ्रीडी डिजाइनिंग, स्केचिंग, प्रोडक्ट निर्माण, डिजिटल डिजाइनिंग बिजनेस कम्यूनिकेशन आदि के साथ उत्पाद डिजाइनिंग सिखाई जाती है.

रोडमैप बैचलर इन डिजाइन या इंडस्ट्रियल डिजाइन के कोर्स से शुरू करें. आईआईटी व समकक्ष संस्थानों के लिए अंडर ग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जाम इन डिजाइन या एनआईडी डीएटी, एसईईडी आदि परीक्षाओं में से चुनें.

संस्थान आईआईटी मुंबई, दिल्ली, गुवाहाटी. एनआईडी अहमदाबाद व विविध केंद्र, डीवाई पाटिल स्कूल ऑफ डिजाइन, पुणे, आईएसडीआई मुंबई, पर्ल एकेडमी दिल्ली, एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा.

वेतन औसतन 6 लाख रुपये वार्षिक से शुरू.

 

 

इलाहाबाद न्यूज़ डेस्क

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