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Allahbad पित्त की नली वाली पथरी का किया ऑपरेशन

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उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क   पित्त की नली में पथरी वाले मरीजों के लिए अच्छी खबर है. मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. केके तिवारी ने मॉड्यूलर ओटी में महिला मरीज के पित्त की नली में फंसी पथरी का ऑपरेशन कर इसकी शुरुआत कर दी. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव का कहना है कि अब ऐसे मरीजों को प्रयागराज नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि यहीं पर मुफ्त में ऑपरेशन कर स्वस्थ किया जाएगा.


पित्त की थैली में होने वाली पथरी का ऑपरेशन आसान होता है इसलिए मेडिकल कॉलेज जब जिला अस्पताल हुआ करता था तभी से इसका ऑपरेशन होता आ रहा है, लेकिन पित्त की नली और गहराई में होती है. इसलिए इसमें जमा पथरी को निकालना जटिल प्रक्रिया होती है. इसलिए ऐसे मरीजों को प्रयागराज रेफर किया जाता रहा है. जेठवारा के बढ़नी निवासी विद्या (45) के पित्त की थैली व पित्त की नली दोनों में पथरी थी. पथरी साढ़े तीन सेंटीमीटर की थी इसलिए इंडोस्कोपी से भी निकलने की गुंजाइश नहीं थी. मेडिकल कॉलेज के राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में इसका पता चलने पर अन्य मरीजों की तरह विद्या को भी प्रयागराज रेफर कर दिया गया, लेकिन आर्थिक तंगी से परेशान विद्या के परिजन डॉ. केके तिवारी से मिले और गरीबी का हवाला देते हुए मेडिकल कॉलेज में मुफ्त ऑपरेशन की गुहार लगाई. डॉ. केके तिवारी ने प्राचार्य से बात की तो प्राचार्य ने उनका उत्साहवर्धन करते हुए विद्या को रेफर करने की बजाय यहीं पर ऑपरेशन करने की सलाह दी. एनेस्थेसिया के डॉ. राकेश चौरसिया भी पूरा सहयोग देने को तैयार हो गए. इसके बाद विद्या को भर्ती कर डॉ. केके तिवारी ने एनेस्थेटिक डॉ. राकेश, नर्स बबुना व स्टॉफ ओम प्रकाश आदि की टीम के साथ ऑपरेशन कर पित्त की नली से भी पथरी को सफलतापूर्वक निकाल दिया. प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने डॉक्टर व उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि खुशी इस बात की है कि अब ऐसे मरीजों को ऑपरेशन व इलाज के लिए दूसरे जनपद नहीं भटकना पड़ेगा.


इलाहाबाद न्यूज़ डेस्क
 

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