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Allahabad करोड़ों खर्च फिर भी जमीन पर बैठकर पढ़ेंगे परिषदीय स्कूलों के बच्चे

Jaipur आरटीई में प्रवेश नहीं देने वाले 24 स्कूलों की एनओसी रद्द करने की सिफारिश

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क   सूबे के परिषदीय स्कूलों में बेहतर शिक्षा और सुविधा देने का दंभ भरने वाली सरकार के दावे बेसिक शिक्षा मंत्री के जिले में खोखले साबित हो रहे हैं. सुविधाओं के नाम करोड़ों खर्च हो चुके हैं बावजूद, जिले के सैकड़ों सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राएं क्लास रूम में जमीन पर बैठने को मजबूर हैं. उन्हें दरी तक की व्यवस्था मुहैया नहीं कराई गई. घर से टाट व बोरा लाकर उसी पर बैठकर पढ़ाई करने को नौनिहाल मजबूर हैं.

जिले में कुल विद्यालयों की संख्या 2115 है. इन विद्यालयों को कांवेंट स्कूलों की भांति बनाने के लिए सरकार ने कायाकल्प योजना शुरू की. जिसके तहत स्कूलों की तस्वीर बदल गई. बहुत से स्कूलों ने खुद को अपग्रेड कर कांवेंट को भी मात देने का प्रयास किया. मगर अभी भी जिले के करीब 240 स्कूल ऐसे हैं, जहां बच्चों के बैठने की भी सुविधा नहीं है. इनमें बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के गृह क्षेत्र अतरौली के भी स्कूल शामिल हैं. बेसिक शिक्षा विभाग और पंचायत राज विभाग की देखरेख में ग्राम पंचायतों से स्कूलों का कायापलट होना था. मगर कई बजट का अभाव तो कहीं प्रधान की उदासीनता ने सरकार के मंसूबे पर पानी फेर दिया. सालों बीत गए योजना शुरू हुए अभी तक स्कूलों में बैठने को सीट के लिए नौनिहाल तरस गए. अन्य सुविधाओं का हाल क्या होगा? विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि और बेंच डेस्क की मांग की गई है, मगर नहीं मिला है. जिसके कारण बच्चे फर्श या बोरे पर बैठ कर पढ़ाई कर रहे हैं.

यहां स्कूलों में नहीं है फर्नीचर

जवां-79, धनीपुर-40, अलीगढ़ शहर -26, बिजौली- 21, इगलास-14, गंगीरी-12, खैर -11, अकराबाद-10, चंडौस- 5, टप्पल- 5, लोधा- 4, गोंडा-4, अतरौली- 1,

कांवेंट स्कूलों की भांति सरकारी स्कूलों को करने का दावा जिले में फेल हो रहा है. लगभग ढाई सौ स्कूलों में अभी तक फर्नीचर की सुविधा नहीं पहुंची है. जिसके कारण आज भी बच्चे जमीन पर बैठकर शिक्षा ग्रहण कर रहे है. यह सरकारी व विभाग की नाकामी है.

-डॉ. प्रशांत कुमार शर्मा, जिलाध्यक्ष, जूनियर शिक्षक संघ.

जिले के बहुत से स्कूल ऐसे में जहां अब तक बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर उपलब्ध नहीं कराई गई. फर्नीचर न मिलने के कारण बच्चे फर्श पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर है.

मुकेश कुमार सिंह, जिलाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ.

 

 

इलाहाबाद न्यूज़ डेस्क

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